लीड ़ रेल पटरी पर बिछे बोल्डर की चोरी धड़ल्ले से रात को ट्रैक्टर पर लोड कर बोल्डर को क्रशरों में बेचा जाता हैकोडरमा-हजारीबाग रेल लाइन पर कभी भी हो सकती बड़ी रेल दुर्घटना5 हैज9 में- कंडसार-नवादा रेलवे ट्रैक से बोल्डर गायब हजारीबाग. कोडरमा-हजारीबाग रेलवे लाइन पर कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है. 79 किलोमीटर बिछी पटरी के नीचे व साइड का बोल्डर व चिप्स की चोरी कर उसे धड़ल्ले से बेचा जा रहा है. हजारीबाग स्टेशन से आगे कंडसार-नवादा स्टेशन के समीप पटरी के पास से काफी चिप्स (छोटा पत्थर) और बोल्डर ट्रैक्टर में भर-भर कर आसपास के क्रशर में बेचा जा रहा है. यह काम देर रात ट्रैक्टर लगा कर हो रहा है. स्थानीय स्तर पर चल रहे क्रशर में बोल्डर से छोटा-छोटा चिप्स बनाया जाता है. पटरी की देखरेख व सुरक्षा आरपीएफ व डीआरएम के अधीन : सहायक अभियंता समरकांत पाठक ने कहा कि कोडरमा से हजारीबाग तक रेल पटरी की पूरी जिम्मेवारी धनबाद डिवीजन डीआरएम के अधीन है. पटरी की देखरेख और सुरक्षा के लिए आरपीएफ व डीआरएम के अधीन कई अधिकारी हैं जो इसे देखेंगे.सुरक्षा व्यवस्था : हजारीबाग स्टेशन मास्टर अरविंद लाल ने बताया कि हजारीबाग स्टेशन की सुरक्षा के लिए आरपीएफ और होमगार्ड की तैनाती है. कोडरमा-हजारीबाग के बीच चलनेवाले ट्रेन में भी आरपीएफ और होमगार्ड के जवान सुरक्षा के लिए चलते हैं. बाकी स्टेशन पर सुरक्षा व पटरी की नियमित सुरक्षा जांच के लिए डीआरएम धनबाद से जानकारी लेनी होगी.
लीड ़ रेल पटरी पर बिछे बोल्डर की चोरी धड़ल्ले से
लीड ़ रेल पटरी पर बिछे बोल्डर की चोरी धड़ल्ले से रात को ट्रैक्टर पर लोड कर बोल्डर को क्रशरों में बेचा जाता हैकोडरमा-हजारीबाग रेल लाइन पर कभी भी हो सकती बड़ी रेल दुर्घटना5 हैज9 में- कंडसार-नवादा रेलवे ट्रैक से बोल्डर गायब हजारीबाग. कोडरमा-हजारीबाग रेलवे लाइन पर कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है. 79 […]
