चौपारण : पुलिस ने 2011 से फरार जेई बासुदेव प्रसाद को लोहरदगा के समाहरणालय परिसर से गिरफ्तार किया़ बासुदेव प्रसाद पर मनरेगा योजना के तहत सरकारी राशि के गबन करने का आरोप है़
इस संबंध में वर्तमान कार्यपालक अभियंता अवधेश प्रसाद सिंह के लिखित आवेदन पर कांड संख्या 84 एवं 85/ 2011 के तहत प्राथमिकी दर्ज करायी थी. प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से बासुदेव प्रसाद पुलिस की नजर से फरार थे़ श्री प्रसाद वर्तमान में ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल लोहरदगा में कनीय अभियंता के पद पर कार्यरत है़ं
नाटकीय ढंग से हुई गिरफ्तारी : केस के अनुसंधानकर्ता दिलीप सिंह पुलिस बल के साथ लोहरदगा पहुंचे़ उन्होंने बासुदेव प्रसाद को मोबाइल पर फोन कर बताया कि मैं लोहरदगा थाना से बोल रहा हूं
बकरीद की ड्यूटी पर हमको आपके साथ रहना है़ सूचना के करीब पांच घंटे बाद बासुदेव प्रसाद लोहरदगा समाहरणालय पहुंचे़ चौपारण पुलिस पहले से वहां मौजूद थी. जैसे ही जेई वहां पहुंचे उन्हें गिरफ्तार कर लिया. जेई बासुदेव प्रसाद को गुरुवार को हजारीबाग जेल भेज दिया गया़
किस-किस योजना में है गबन का आरोप : कांड संख्या 84/2011 के तहत नीमा मुख्य मार्ग से केंदुआ तक ग्रेड वन रोड निर्माण लागत राशि 26427 रुपये, जीटी रोड सिलोदर से देवी मंडप तक ग्रेड वन लागत राशि 46567, रतनपुर से आरइओ रोड तक ग्रेड वन 22945, ग्राम करमा से कौलेश्वरी भाया रेंबो तक ग्रेड वन 125341, ग्राम दैहर में सबैया पुल से बोंगा तक ग्रेड वन 317591, ग्राम दानगुरी में देवी मंडप तक ग्रेड वन 112536, ग्राम हजारी धमना बराकर से धमना तक ग्रेड वन रोड निर्माण 402509, ग्राम करमा से कारीपहरी तक ग्रेड वन पथ निर्माण 178740, चपरीकला में चेक डेम निर्माण 400000, पीडब्ल्यूडी रोड से हारपुर योलिया तक ग्रेड वन पथ निर्माण 400000, गांगो माहतो के घर से श्मशान घाट तक ग्रेड वन पथ निर्माण 180000, कंकरोला से बड़की आहर तक ग्रेड-वन 200000 एवं मंदिर से लंबी आहर तक सिंचाई के लिए नाली निर्माण 210000 है़
जबकि कांड संख्या 85/2011 के तहत चयकला में पंचायत भवन निर्माण राशि 750000, पांडेयबारा में पंचायत भवन निर्माण 500000, सेलहरा में पंचायत भवन निर्माण 750000 के अलावा आंगनबाड़ी केंद्र चयकला, असनाचुआं, अंबाजीत, बरहमोरिया, इंगुनिया अंकुराहवां एवं बेंदुआरा के नाम पर एक-एक लाख रुपये की निकासी की गयी थी. जेई बासुदेव प्रसाद ने बताया कि मैं निर्दोष हूं.
कार्यपालक अभियंता द्वारा मुझे फंसाया गया है़ प्रखंड में मनरेगा योजना से एक करोड़ दो लाख की योजना चल रही थी़ जिसमें श्री प्रसाद द्वारा 51 लाख 50 हजार अग्रिम के तौर पर लिया गया था़ जबकि धरातल पर काम करीब 65 लाख का किया गया था़ जिसकी मापी पुस्तिका विपत्र के साथ कार्यालय में जमा किया गया है़
उसमें 20 लाख का लेखा समायोजित कार्यपालक अभियंता को ही समायोजित करना था़ राशि करीब 13 लाख 50 हजार मजदूरों को भुगतान करना था़ उनके द्वारा मजदूरों को राशि का भुगतान नहीं किया गया है.
