हजारीबाग : रैयतों की जमीन लाठी-डंडा के बल पर सरकार नहीं ले सकती है. रैॅयतों की आपसी सहमति व उचित मुआवजा देकर ही जमीन लिया जा सकता है. तभी राज्य विकास की ओर बढ़ेगा. उक्त बातें कांग्रेस के राज्यसभा सांसद प्रदीप कुमार बलमुचू ने प्रेसवार्ता में कही.
राज्यसभा सांसद प्रदीप बलमुचू, धीरज साहू, राजेश रंजन, जयशंकर पाठक गुरुवार को बड़कागांव विधायक निर्मला देवी और योगेंद्र साव से मिलने के लिए केंद्रीय कारा पहुंचे. इसके बाद श्री बलमुचू ने कांग्रेस नेता जयशंकर पाठक के आवास पर प्रेस वार्ता की.
उन्होंने कहा कि जमीन ताकत से नहीं नियम संगत से मिलती है. लोकतंत्र में जनता को अपनी बात रखने का अधिकार है. लेकिन पुलिस प्रशासन द्वारा बड़कागांव में लाठी चार्ज व गोली चलाने जैसे कार्य एक संवेदनशील मामला है. निर्मला देवी व योगेंद्र साव से हुई बात को और बड़कागांव के रैयतों की मांग से राहुल गांधी को अवगत करायेंगे. जरुरत पड़ने पर बड़कागांव का मामला संसद में भी रखा जायेगा. श्री बलमुचू ने कहा कि झारखंड में रघुवर दास मुख्यमंत्री के लायक नहीं है. पिछले कई वर्षों से रघुवर दास विधायक रहे. लेकिन अब तक कोई मामले को नहीं सुलझा पाये. सभी एक ही मुद्दा को लेकर लड़े.
लेकिन उसे भी पूरा नहीं कर पाये. झारखंड में भुक्तभोगी को संरक्षण कैसे मिले इस पर ध्यान नहीं है. बल्कि पुलिस उग्रवादी को संरक्षण दे रही यह सरकार के लिए अच्छा संकेत नहीं है. रघुवर सरकार के राज्य में 24 घंटे बिजली सुविधा पूरी तरह फेल है. लोकसभा सांसद धीरज साहू ने कहा कि बड़कागांव में रैयतों पर गोलीकांड बहुत ही दुखद घटना है. जेल में विधायक को देख कर व घटना की जानकारी सुनने पर आश्चर्य लगता है.
मौके पर जिलाध्यक्ष विजय यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष अंजय पासवान, मो साजिद, अजय गुप्ता, लखन राज सिंह, विनोद सिंह, अवधेश सिंह, सुनील अग्रवाल, उदय पांडेय, वीरेंद्र सिंह, दिनेश राठौर, शशि मोहन सिंह, राज कुमार यादव, अजीम खान, नरेश समेत कई कांग्रेसी नेता उपस्थित थे.
