खुदाई के बाद सामने आयेगा बौद्ध सभ्यता का इतिहास

पुरातत्व विभाग ने शुरू की खुदाई हजारीबाग : बहोरनपुर के इटवा टोंगरी में बुधवार को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण उत्खनन शाखा, पटना ने खुदाई का काम शुरू कर दिया. यह खुदाई डॉ राजेंद्र देहुरी के नेतृत्व में हो रही है. आठ सदस्यीय दल में पुरातत्व विद सर्वेयर सहित कई अनुभवी एवं तकनीकी जानकार हैं. बुधवार को […]

पुरातत्व विभाग ने शुरू की खुदाई

हजारीबाग : बहोरनपुर के इटवा टोंगरी में बुधवार को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण उत्खनन शाखा, पटना ने खुदाई का काम शुरू कर दिया. यह खुदाई डॉ राजेंद्र देहुरी के नेतृत्व में हो रही है. आठ सदस्यीय दल में पुरातत्व विद सर्वेयर सहित कई अनुभवी एवं तकनीकी जानकार हैं.
बुधवार को खुदाई से पूर्व इटवा टोंगरी में डॉ राजेंद्र देहुरी ने विधिवत पूजा की. इस खुदाई के बाद बहोरनपुर की पहाड़ी की तराइयों में दबे हजारों साल की सभ्यता व संस्कृति का राज खुलेगा.इटवा टोंगरी खुदाई स्थल को पुरातत्व विभाग ने आठ हिस्सों में बांटा है.
झारखंड की तीसरी बड़ी खुदाई: निरीक्षक डॉ राजेंद्र देहुरी ने बताया कि झारखंड बनने के बाद पुरातत्व विभाग की यह तीसरी बड़ी खुदाई है. इससे पहले चतरा के ईटखोरी और पलामू के कबराकला में खुदाई हुई है. बहोरनपुर में बेहतर साइट मिलने की संभावना है.
मलबे को देख अनुमान लगाया जा रहा है कि खुदाई का कार्य जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा, वैसे-वैसे हमें जानकारी मिलती चली जायेगी. इस साइट से पहले भी भगवान बुद्ध से संबंधित मूर्तियां मिली हैं. खुदाई का कार्य तीन-चार माह तक होगा. खुदाई के बाद अवशेषों के आधार पर झारखंड के इतिहास को समझा जायेगा.

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