सफाई में प्रतिमाह 12 लाख का खर्च, पर दिखते नहीं मजदूर
हजारीबाग : नगर निगम क्षेत्र में सफाई के नाम पर आउटसोर्सिंग कंपनी की ओर से घालमेल की जा कर रही है, जिससे निगम क्षेत्र में पूर्ण रूप से सफाई नहीं हो पा रही है. आउटसोर्सिंग कंपनी सफाई के एवज में निगम से प्रतिमाह करीब 12 लाख रुपये की वसूली करती है. सबसे अहम बात यह […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
हजारीबाग : नगर निगम क्षेत्र में सफाई के नाम पर आउटसोर्सिंग कंपनी की ओर से घालमेल की जा कर रही है, जिससे निगम क्षेत्र में पूर्ण रूप से सफाई नहीं हो पा रही है. आउटसोर्सिंग कंपनी सफाई के एवज में निगम से प्रतिमाह करीब 12 लाख रुपये की वसूली करती है. सबसे अहम बात यह है कि आउटसोर्सिंग कंपनी मेसर्स निर्माण सर्विस प्रालि, रांची की ओर से प्रतिदिन कितने मजदूरों से काम लिया जा रहा है, इसका कोई हिसाब-किताब नहीं है.
एक तरह से शहर की सफाई निगम कर्मी के भरोसे ही चल रही है. कंपनी ने निगम के साथ 150 सफाई मजदूरों से सफाई कराने का एकरारनामा किया है. एकरारनामा की तिथि 22 सितंबर-2019 खत्म हो गयी. पुन:कंपनी के साथ सफाई के लिए दो माह का एस्टेंशन 22 नवंबर 2019 तक के लिये किया गया है. वर्तमान में वार्डों में सफाई कंपनी के नहीं, बल्कि निगम के मजदूर कर रहे हैं. वहीं काम नहीं करनेवाले मजदूरों की हाजिरी बना कंपनी निगम से बिल की वसूली कर रही है.
केस स्टडी: बुधवार को आउटसोर्सिंग कंपनी के मजदूर किन-किन वार्डों में सफाई कार्य रहे हैं. इसकी पड़ताल प्रभार खबर ने की. प्रभात खबर की टीम वार्ड 18 स्थित साईं मंदिर रोड पहुंची. यहां सड़क पर कचरे का ढेर पड़ा था. सड़क पर कचरा बिखरा पड़ा था. वार्ड पार्षद बासुदेव गोप से पूछने पर उन्होंने बताया कि पिछले दो साल से निगम के तीन सफाई मजदूर छोटन, चंडी व एक नया व्यक्ति आते हैं.आउटसोर्सिंग का एक भी सफाई मजदूर नहीं आते. एक ट्रीपर कूड़ा उठाने आता है.
दूसरी बार ट्रीप करने को कहने पर चालक गाड़ी में तेल नहीं होने की बात करता है. जब आउटसोर्सिंग कंपनी के सुपरवाइजर नवीन पांडेय से बात की, तो उन्होंने बताया कि वार्ड 18 में चार मजदूर अर्जुन राम, गुड्डू हरिजन, पप्पू और आशीष को भेजा गया है. जबकि इसी वार्ड में 17 अक्तूबर को सात लेबर नियमित सफाई करने की उपस्थिति दिखायी गयी है. पार्षद ने आउटसोर्सिंग के मजदूरों की उपस्थिति फर्जी बनाने की बात कही है.