केरेडारी : केरेडारी प्रखंड का विद्युत पावर सब स्टेशन बदहाल हो गया है. पावर स्टेशन में पांच एमबीए का एक व तीन एमबीए का एक ट्रांसफारमर लगाया गया है. डेमोटांड़ से केरेडारी सब स्टेशन को 120 एंपीयर बिजली दी जाती है. जिससे पूरे प्रखंड में नियमित बिजली आपूर्ति नहीं हो पाती है. कम आपूर्ति होने के कारण पूरे प्रखंड को 24 घंटे में मात्र पांच से छह घंटे बिजली मिलती है. वह भी हमेशा आते-जाते रहती है. इससे उपभोक्ता काफी परेशान रहते हैं.
केरेडारी पावर सब स्टेशन को बिजली देने के लिए बड़कागांव पावर सब स्टेशन के सभी फिडरों को बंद करना पड़ता है. जब केरेडारी को बिजली मिलती है तो पूरा बड़कागांव प्रखंड अंधेरे में रहता है. बताया जाता है कि यदि केरेडारी सब स्टेशन को 150 एंपीयर बिजली सप्लाइ की जाये तो सब स्टेशन के चारों फिडरों को नियमित बिजली मिल सकती है. अतिरिक्त भार पड़ने व बड़कागांव-केरेडारी में बिजली बंटवारे को लेकर हमेशा लोड शेडिंग रहता है. यहां तीन ऑपरेटर व दो हेल्फर हैं. जूनियर इंजीनियर भी कभी-कभार ही नजर आते हैं.
जल गये हैं सभी ब्रेकर : केरेडारी विद्युत सब स्टेशन के चारों फीडर के ब्रेकर जले पड़े हैं. कराली व बुकरू के 11 केबीए का ब्रेकर पिछले एक साल से जला पड़ा है. काबेद व जमीरा ब्रेकर भी दो दिन पूर्व जल गया. जिससे चारों फीडर का लाइन डायरेक्ट कर दिया गया है. जिसके कारण कहीं तार गिरने पर सीधे हजारीबाग से ही बिजली काटी जा सकती है. इसके कारण गांव के लोग असुरक्षित हैं. इसके अलावे 15 डीसी बैटरी एक साल से खराब है. छह क्वाइल, छह क्वाइल लोडिंग एवं ट्रिपिंग, डीसी पैनल एबी, केबी स्विच, सिटी पीटी भी खराब है. 33 केवीए का एलए खराब है. इसके अलावे विद्युत कंट्रोल रूम का लाइन, हाइलोजन भी बंद पड़े हैं.
असुरक्षित हैं कर्मी : विद्युत सब स्टेशन के कर्मी को कोई सुविधा नहीं मिल पा रहा है. सभी कर्मी असुरक्षित हैं. कर्मियों को ग्लब्स, हेलमेट, जूता, मरम्मत की सामग्री भी मुहैया नहीं करायी गयी है.
