हजारीबाग : सदर अस्पताल में तोड़-फोड़ और चिकित्सकों के साथ र्दुव्यवहार करने को लेकर अस्पताल प्रबंधन की ओर से प्राथमिकी दर्ज करायी जायेगी. इसे लेकर सीएस डॉ धर्मवीर ने सदर अस्पताल सभाकक्ष में बैठक की. इसमें निर्णय लिया गया कि अज्ञात लोगों के विरुद्ध सदर थाना में एफआइआर कराया जायेगा.
डीएस डॉ आरएस दांगी ने कहा कि प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था की मांग की जायेगी. ताकि हो-हंगामा न हो और चिकित्सक मरीजों का इलाज कर सकें. डीएस ने कहा कि बैठक में कई बिंदुओं पर रणनीति तय की गयी है. मुख्य रूप से अस्पताल में मरीजों के इलाज की व्यवस्था की रूपरेखा तैयार की गयी. कुछ चिकित्सक घटना के बाद हड़ताल करना चाह रहे थे. बैठक में निर्णय लिया गया कि चिकित्सक हड़ताल नहीं करेंगे. घटना के बाबत डीसी को जानकारी दी गयी है.
बैठक में डॉ मेजर पीके सिन्हा, डॉ विजय शंकर, डॉ केपी सिंह, डॉ एपी चैतन्या, डॉ गोविंद नारायण, डॉ आरएन सिंह, डॉ मुकेश मेहता समेत सदर अस्पताल के चिकित्सक उपस्थित थे.
क्या है मामला : 29 जून को चुरचू थाना क्षेत्र के मंगरपट्टा गांव के 11 वर्षीय बच्चे की मौत सर्पदंश से हो गयी थी. अस्पताल में एंटी वेनम इंजेक्शन नहीं रहने के कारण चिकित्सकों ने बच्चे को सदर अस्पताल से रिम्स रेफर कर दिया था. बच्चे की मौत के बाद ग्रामीणों ने अस्पताल परिसर में तोड़-फोड़, चिकित्सकों के साथ र्दुव्यवहार किया था
