बड़कागांव. प्रखंड क्षेत्र में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है. भीषण गर्मी के बीच घर-घर जल पहुंचाने की योजना अधूरी है. जनवरी 2018 में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने लगभग 5.34 करोड़ रुपये की लागत से जलमीनार निर्माण कार्य शुरू किया था, जिसे बाद में बढ़ाकर करीब नौ करोड़ रुपये करने की अनुशंसा की गयी. इस योजना का उद्देश्य बड़कागांव मध्य, पूर्वी और पश्चिमी पंचायतों के लगभग 10,000 घरों तक पानी पहुंचाना था. शुरुआती एक वर्ष तक काम तेजी से चला, लेकिन पिछले पाँच वर्षों से निर्माण कार्य पूरी तरह ठप पड़ा है.
25 रुपये प्रति जार पानी खरीदकर गुजारा करना पड़ रहा है
स्थिति इतनी गंभीर है कि लोगों को मजबूरी में 25 रुपये प्रति जार पानी खरीदकर गुजारा करना पड़ रहा है. स्थानीय नागरिकों ने कई बार सांसद, विधायक और प्रशासन को समस्या से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई. पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि क्षेत्र में पानी की घोर किल्लत है और लोग त्राहिमाम की स्थिति में हैं. मध्य पंचायत के मुखिया मोहम्मद तकरीमुला खान और वार्ड सदस्य संजय रवि ने प्रशासन से अविलंब जलापूर्ति बहाल करने की मांग की है.
