हजारीबाग: चौपारण प्रखंड के महाराजगंज में स्थित मुनअम पब्लिक स्कूल आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के लिए वरदान साबित हो रहा है. स्कूल की ओर से 20 अनाथ बच्चों को शैक्षणिक एवं आर्थिक मदद की जा रही है. आर्थिक बोझ बढ़ने के बावजूद स्कूल सीबीएसइ के मापदंडों को पूरा कर रहा है. विगत 21 वर्षों से सुदूरवर्ती गांव के छात्रों को इस स्कूल से बेहतर शिक्षा मिली है.
प्रबंधक आराफात हसन ने बताया कि स्कूल का उद्देश्य ग्रामीण परिवेश में शिक्षा का दीप जलाना है. बच्चों में छिपी प्रतिभा को सामने लाना लक्ष्य है. बेहतर शिक्षा व अनुशासन ही स्कूल की पहचान है.
सचिव मतिनुल हसन ने कहा कि स्कूल की स्थापना 12 अप्रैल 1995 में हुई थी. स्कूल सीबीएसइ से 12वीं तक मान्यता प्राप्त है. अतिसुदूर और उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र के बच्चे यहां शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं. विद्यालय से पढ़ कर निकले काफी संख्या में विद्यार्थी आइआइटी, मेडिकल, फैशन डिजाइनिंग, ओलिंपियार्ड, एथलेटिक्स एवं अन्य प्रतियोगिता परीक्षाओं में सफलता अर्जित की है. गांव के बच्चों को सीबीएसइ के तहत शिक्षा मिले. इसका पूरा ख्याल रखा गया है, ताकि गांव के बच्चे भी इंग्लिश मीडियम से शिक्षा प्राप्त कर सके.
