मूलभूत सुविधाओं से वंचित है चरही कस्तूरबा विद्यालय

चरही: बीआरसी भवन से नया कस्तूरबा विद्यालय भवन में स्थानांतरित हुए चार महीने हो गये, अब भी स्थायी रूप से बिजली की कोई व्यवस्था नहीं है. कस्तूरबा विद्यालय जाने वाली सड़क जर्जर है. राज्यपाल के आगमन को लेकर फिलहाल के लिए जर्जर सड़क के ऊपर से गिट्टी डस्ट से भराया जा रहा है. विद्यालय में […]

चरही: बीआरसी भवन से नया कस्तूरबा विद्यालय भवन में स्थानांतरित हुए चार महीने हो गये, अब भी स्थायी रूप से बिजली की कोई व्यवस्था नहीं है. कस्तूरबा विद्यालय जाने वाली सड़क जर्जर है.
राज्यपाल के आगमन को लेकर फिलहाल के लिए जर्जर सड़क के ऊपर से गिट्टी डस्ट से भराया जा रहा है. विद्यालय में कुल आठ कंप्यूटर हैं, जिसमें कोई भी चालू हालत में नहीं है. विद्यालय में लगभग 275 बच्चे नामांकित हैं. इतने बच्चे में चार शिक्षक व एक शिक्षिका कार्यरत है. शिक्षक-शिक्षिकाओं के अभाव के कारण पठन पाठन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. कस्तूरबा विद्यालय के लिए दो एकड़ 16 डिसमिल जमीन अधिकृत है, जिसमें 26 डिसमिल जमीन अतिक्रमण में है. सीओ के नोटिस के बाद भी अतिक्रमण मुक्त नहीं हो पाया है. विद्यालय में 16 क्लास रूम निर्मित है, जिसमें सात में ही क्लास संचालित है.

विद्यालय में एक बोरिंग है. एक डीप बोरिंग खराब पड़ी है. एक मात्र चापानल खराब है. अब भी सुदूरवर्ती क्षेत्र जैसे दहुदाग के कुछ ही बच्चियों का नामांकन नहीं हो पाया है. विद्यालय में नामांकन के लिए चुरचू की विभिन पंचायतों की 50 बच्चियों का नाम प्रतीक्षा सूची में है. सुदूरवर्ती क्षेत्र दहुदाग, सिरकोल, दलदलिया, चुरचू के झरना, लुकैया, उबरी, चिरुबेड़ा जैसे गांवों के छात्राओं को नामांकन से वंचित हो रहे हैं. हजारीबाग डीएससी ने सोमवार को राज्यपाल के आगमन की तैयारी की जायजा लिया.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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