अखिल भारतीय किसान महासभा का तीसरा राष्ट्रीय सम्मेलन आज से
हजारीबाग : अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय महासचिव राजा राम सिंह ने कहा है कि भूमि पर अधिकार, लाभकारी खेती व पुलिस दमन के विरोध में व्यापक किसान आंदोलन विकसित करने की जरूरत है. किसानों को सरकारी, महाजनी, कर्ज माफ करने व देश और समाज को बांटने की सांप्रदायिक साजिश को बेनकाब करने का आह्वान किसानों से किया. श्री सिंह ने गुरुवार को होटल हेरिटेज में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित करने के दौरान यह बातें कही.
उन्होंने कहा कि खेती बटाईदार संरक्षण के लिये केंद्र एवं राज्य सरकार कानून बनाये. आदिवासियों की जमीन से बेदखली बंद होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि झारखंड में सीएनटी-एसपीटी एक्ट में किये गये संशोधन को सरकार वापस ले. उन्होंने मध्य प्रदेश के मंदसौर में अपने उत्पाद का समर्थन मूल्य एवं कर्ज माफी की मांग कर रहे किसानों पर भाजपा सरकार द्वारा चलवायी गयी गोलीकांड की निंदा जिसमें आठ निर्दोष एवं निहत्थे किसानों की जान चली गयी. कहा कि संगठन महाराष्ट्र एवं मध्य प्रदेश में चल रहे किसान आंदोलन का समर्थन करता है.
बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ होगी कार्यक्रम की शुरुआत : महासचिव राजा राम सिंह ने हजारीबाग के टाउन हॉल में आयोजित होनेवाले राष्ट्रीय सम्मेलन की जानकारी देते हुए कहा कि नौ जून को कार्यक्रम की शुरुआत बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर होगी.
11.30 बजे बिरसा चौक से नगर भवन तक किसान आदिवासी मार्च निकाला जायेगा. 1.30 बजे को महेंद्र सिंह सभागार में सम्मेलन का उद्घाटन किया जायेगा. सम्मेलन में राष्ट्रीय अध्यक्ष रूल्दू सिंह, गुरूनाम सिंह, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कार्तिक पाल, केडी यादव, हरियाणा से प्रेम सिंह गहलौत तथा बिहार,असम, मध्यप्रदेश, छतीसगढ़, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, आंध्रप्रदेश, त्रिपुरा समेत कई अन्य राज्यों लगभग 500 राष्ट्रीय स्तर के किसान नेता शामिल होंगे. कार्यक्रम 10 जून को समाप्त होगा. प्रेसवर्ता में झारखंड प्रदेश अध्यक्ष हीरा गोप, प्रदेश महासचिव पूरन महतो, माले जिला सचिव पच्चू राणा, मदन सिंह मौजूद थे.
