वैलिडेशन एक्ट पेंशनधारकों के लिए घातक : सचिव

गुमला जिला पेंशनर समाज की बैठक में वैलिडेशन एक्ट का विरोध किया गया। सचिव ने इसे पेंशनभोगियों के लिए नुकसानदेह बताया और एकजुटता पर जोर दिया।

गुमला. गुमला जिला पेंशनर समाज की मासिक बैठक जिलाध्यक्ष महेश प्रसाद गुप्ता की अध्यक्षता में हुई. बैठक में वैलिडेशन एक्ट पर विचार-विमर्श किया गया. सचिव महावीर प्रसाद मिश्र ने बताया कि यह एक्ट सभी कोटि के पेंशनधारकों के लिए घातक है. वास्तव में केंद्र सरकार की मंशा जनवरी 2026 के पूर्व सेवानिवृत्ति पेंशनरों को आठवें वेतनमान का लाभ नहीं देने की है. इस एक्ट का विरोध पूरे देश में किया जा रहा है और हम भी इस लड़ाई में केंद्र व प्रदेश स्तरीय संगठन के साथ हैं. वरीय पेंशनर रघुनंदन वैद्य ने कहा कि सदस्यता के अनुरूप सदस्यों की उपस्थिति नहीं हो रही है. वैलिडेशन एक्ट का विरोध जारी रहेगा और पेंशनधारकों को चट्टानी एकजुटता का परिचय देना है. जिलाध्यक्ष महेश प्रसाद गुप्ता ने कहा कि मौजूदा दौर में साइबर क्राइम शिखर पर है और इसके प्रति सदैव सचेत और सतर्क रहने की जरूरत है. किसी परिस्थिति में उन्होंने पेंशनरों से अनावश्यक कॉल से बचने तथा व्यक्तिगत डाटा साझा नहीं करने की हिदायत दी. बैठक में सदस्यों ने कुछ बैंकों द्वारा अब तक जनवरी 2026 से अभिवृद्धि की गयी महंगाई राहत का भुगतान नहीं करने पर नाराजगी जतायी. इस संबंध में संबंधित बैंकों से शीघ्र राशि भुगतान करने का आग्रह किया गया. बैठक में क्यामुद्दीन अली अंसारी, सदाशिव नंद, चंद्रनाथ प्रसाद, रंथू साहू, अमरनाथ साहू, भागी नाग, रामनारायण पोद्दार, अंतर्यामी महतो, जितिया उरांव, रामचंद्र साहू, मनोज बड़ाइक, घनश्याम चौरसिया, एसपी केरकेट्टा, परमानंद भीमकूल, संतू साहू, लिटंगू उरांव, कालीदास उरांव, सुशील कुमार मिंज, महेंद्र उरांव, प्रभु दान मिंज, रामजी उरांव, अनंदित कुजूर, तारामणि एक्का, विपैइत देवी, तरसिला बिलुंग, स्कोलास्टिका किंडो, कोरोलिना एक्का, मेझरेन मिंज, ओलिम तिग्गा, द्वारिका मिश्र सुमन, संतोष भगत, सोमा उरांव आदि उपस्थित थे.


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By Durjay paswan

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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