गुमला: गुरु पूर्णिमा पर सरस्वती शिशु विद्या मंदिर डीएसपी रोड गुमला में बुधवार को आचार्यों एवं दीदियों के लिए सम्मान समारोह हुआ प्रधानाचार्य जितेंद्र तिवारी ने कहा कि सच्चे गुरु के मार्गदर्शन एवं उनके द्वारा दिये गये सही संस्कार ही व्यक्ति को चरित्रवान बनाते हैं और एक स्वस्थ, सुसंस्कृत और सशक्त समाज का निर्माण करते हैं.
उन्होंने वर्तमान में समाज में सोशल मीडिया पर चर्चा करते हुए कहा कि लोग सोशल मीडिया को अपना गुरु मानने लगे हैं. जिसके कारण सामाजिक एवं नैतिक मूल्यों में गिरावट देखने को मिल रही है. उन्होंने भारतीय इतिहास में गुरु को सबसे सम्मानित व्यक्तित्व बताया. विद्यालय के सचिव विजय बहादुर सिंह ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च है.
गुरु केवल विषय का ज्ञान नहीं देते, बल्कि संस्कार, चरित्र और राष्ट्रभाव का निर्माण करते हैं. उन्होंने कहा कि विद्या भारती की शिक्षा पद्धति का उद्देश्य ऐसे विद्यार्थियों का निर्माण करना है जो ज्ञान के साथ-साथ नैतिक मूल्यों से भी समृद्ध हों और राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानें.
सहसचिव त्रिभुवन शर्मा ने कहा कि गुरु पूर्णिमा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि गुरुजनों के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता एवं उनके आदर्शों को जीवन में उतारने का संकल्प लेने का पावन अवसर है. उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक विद्यार्थी अपने गुरुजनों के बताये मार्ग पर चले, तो उसके जीवन में संस्कार, अनुशासन और श्रेष्ठ चरित्र का विकास स्वतः होगा.
समारोह में आचार्यों व दीदियों ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया. समाज में गुरु की भूमिका पर प्रकाश डाला. वहीं विद्यार्थियों द्वारा गुरु-शिष्य परंपरा पर आधारित गीत, नृत्य, समूहगान एवं प्रेरक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गयी.
समारोह में समिति के अध्यक्ष रामकिशोर रजक, कोषाध्यक्ष प्रभात कुमार दास, पूर्व विधायक कमलेश उरांव, समिति के संरक्षक पवन अग्रवाल, सरिता जी, राजेश कुमार सिंह सहित सभी आचार्य, दीदियां एवं भैया-बहन उपस्थित थे.
