गुमला. चैनपुर थाना क्षेत्र में अंधविश्वास व लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है. कुत्ते के काटने के बाद अस्पताल में इलाज कराने के बजाय झाड़-फूंक और जड़ी-बूटी के भरोसे रहे एक युवक की हालत इतनी बिगड़ गयी कि उसमें रेबीज के खतरनाक लक्षण दिखायी देने लगे. युवक लोगों को देखकर भौंकने लगा, काटने दौड़ने लगा और पानी देखते ही घबराने लगा. मामला चैनपुर प्रखंड के बरवेनगर मुंडाटोली निवासी 27 वर्षीय गुलशन लोहार का है. बताया गया कि बीते शनिवार को वह अपने मालिक विकास कुमार के साथ जारी थाना क्षेत्र के भिखमपुर गांव मजदूरी करने गया था. वहां अनाज की बोरियां वाहन में लोड करने के दौरान एक कुत्ते ने उसके हाथ में काट लिया. घटना के बाद परिजनों ने उसे अस्पताल ले जाकर एंटी रेबीज इंजेक्शन दिलाने के बजाय गांव में ही झाड़-फूंक और देसी इलाज शुरू करा दिया. इस दौरान गुलशन शराब का सेवन करता रहा. धीरे-धीरे उसकी तबीयत बिगड़ती चली गयी और बुधवार तक स्थिति भयावह हो गयी. परिजनों के अनुसार युवक अचानक आक्रामक हो गया. वह लोगों को देख कर भौंकने लगा, गुस्से में काटने की कोशिश करने लगा और पानी देखते ही डर कर चीखने लगता था. हालात इतने बिगड़ गये कि परिवार वालों को उसके हाथ-पैर रस्सी से बांधने पड़े. गंभीर हालत में बुधवार रात उसे गुमला सदर अस्पताल लाया गया, जहां जांच के दौरान डॉक्टरों ने युवक में रेबीज संक्रमण से जुड़े हाइड्रोफोबिया जैसे गंभीर लक्षण पाये. प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने तत्काल उसे रिम्स रेफर कर दिया. डॉक्टरों ने बताया कि कुत्ते के काटने के बाद समय पर एंटी रेबीज वैक्सीन लेना बेहद जरूरी होता है. इलाज में देरी या लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है. इधर रिम्स रेफर होने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली भी सामने आयी. परिजन करीब दो घंटे तक 108 एंबुलेंस का इंतजार करते रहे, लेकिन वाहन नहीं पहुंचा. अंततः बुधवार की रात करीब 10 बजे निजी वाहन की व्यवस्था कर युवक को रांची ले जाया गया.
झाड़-फूंक करना पड़ा भारी, युवक में दिखे रेबीज के खतरनाक लक्षण
पानी देखते ही चीखने लगा युवक, लोगों को काटने दौड़ा, हालत बिगड़ने पर किया गया रिम्स रेफर
