गुमलाः संत अन्ना प्लस टू उच्च विद्यालय, दाउदनगर पुग्गु, गुमला में शिक्षक-अभिभावक बैठक आयोजित की गई. बैठक में विद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई. साथ ही आगामी बोर्ड परीक्षा की तैयारी को लेकर विद्यार्थियों और अभिभावकों को आवश्यक सुझाव दिए गए.
विद्यालय और परिवार की साझी जिम्मेदारी
प्रधानाध्यापिका सिस्टर ललिता ने कहा कि बच्चों के विकास में विद्यालय और परिवार दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. विद्यालय बच्चों को शिक्षा, अनुशासन और सही दिशा प्रदान करता है, जबकि परिवार उन्हें संस्कार, प्रेम और भावनात्मक सहयोग देता है. जब माता-पिता और शिक्षक मिलकर बच्चों के विकास के लिए कार्य करते हैं, तो उनका सर्वांगीण विकास अधिक प्रभावी ढंग से होता है.
उन्होंने कहा कि बैठक का उद्देश्य केवल बच्चों की पढ़ाई या परीक्षा परिणाम पर चर्चा करना नहीं है, बल्कि उनकी रुचि, व्यवहार, अनुशासन, प्रतिभा, कमजोरियों और संभावनाओं को समझना भी है. प्रत्येक बच्चा अलग होता है. इसलिए बच्चों की तुलना दूसरों से करने के बजाय उनकी व्यक्तिगत क्षमताओं को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए.
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सोशल मीडिया और अनुशासन पर दी जानकारी
बैठक में सिस्टर शोभना लकड़ा ने अनुशासन एवं स्वतंत्रता, कमल चंद्र खलखो ने सोशल मीडिया के लाभ और हानि तथा किरण पप्पू ने समाज व परिवार में मेरा दायित्व विषय पर विचार रखे. उन्होंने विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शिक्षकों और अभिभावकों की बात मानने तथा अनुशासित जीवन जीने के लिए प्रेरित किया. शिक्षकों ने विद्यार्थियों से तेज गति से बाइक चलाने, मोबाइल के दुरुपयोग और नशापान जैसी गतिविधियों से दूर रहने की अपील की. बैठक में विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं और अभिभावक उपस्थित थे.
