नशे में गाड़ी चलाना पड़ गया भारी, सड़क दुर्घटना में छात्र की मौत; दो गंभीर

Gumla News: गुमला के बसिया थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार और नशे में कार चलाने से भीषण सड़क हादसा हुआ. बिरसा कॉलेज के छात्र मनीष नाग की मौके पर मौत हो गई, जबकि उसके दो दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गए. पुलिस ने वाहन जब्त कर जांच शुरू कर दी है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

गुमला से दुर्जय पासवान की रिपोर्ट

Gumla News: गुमला जिले के बसिया थाना क्षेत्र में बुधवार तड़के हुए भीषण सड़क हादसे में एक छात्र की मौत हो गई, जबकि उसके दो मित्र गंभीर रूप से घायल हो गए. यह दुर्घटना रांची-सिमडेगा मुख्य मार्ग पर केमताटोली चर्च के समीप हुई. बताया जा रहा है कि कार चालक शराब के नशे में था और तेज रफ्तार के कारण वाहन से नियंत्रण खो बैठा. हादसा इतना भयावह था कि कार कई बार पलटने के बाद सड़क किनारे एक पेड़ से जा टकराई. टक्कर की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण घबराकर घरों से बाहर निकल आए.

तीखे मोड़ पर बिगड़ा संतुलन

जानकारी के अनुसार दुर्घटना बुधवार तड़के करीब दो बजे हुई. प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस के मुताबिक कार काफी तेज गति में थी. जैसे ही वाहन केमताटोली चर्च के पास स्थित तीखे मोड़ पर पहुंचा, चालक नियंत्रण खो बैठा. नियंत्रण बिगड़ते ही कार सड़क पर चार-पांच बार पलटती चली गई और अंत में एक बड़े पेड़ से जोरदार तरीके से टकरा गई. टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. स्थानीय लोगों का कहना है कि दुर्घटना की आवाज काफी दूर तक सुनाई दी थी.

बिरसा कॉलेज के छात्र की मौके पर मौत

इस हादसे में रनिया के बलंकल निवासी 25 वर्षीय मनीष नाग की मौके पर ही मौत हो गई. बताया जा रहा है कि मनीष खूंटी स्थित बिरसा कॉलेज का छात्र था. परिजनों के अनुसार मनीष एक शादी समारोह में शामिल होने गरई गांव गया हुआ था. कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वह अपने दोस्तों के साथ कार से लौट रहा था, तभी यह हादसा हो गया. मनीष की अचानक मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.

दो दोस्त गंभीर रूप से घायल

घटना के समय कार में मनीष के साथ उसके दो अन्य मित्र भी सवार थे. घायलों की पहचान कामडारा निवासी बिमल नाग (22 वर्ष) और भुवनेश्वर साहू (22 वर्ष) के रूप में हुई है. दोनों युवक दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए. हादसे के बाद कार में फंसे घायलों को निकालने में स्थानीय लोगों और पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी. ग्रामीणों ने तत्काल घटना की सूचना बसिया थाना पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया.

पुलिस ने घायलों को पहुंचाया अस्पताल

बसिया पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को कार के मलबे से बाहर निकाला और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया. अस्पताल में चिकित्सकों ने मनीष नाग को मृत घोषित कर दिया. वहीं गंभीर रूप से घायल बिमल नाग और भुवनेश्वर साहू की हालत नाजुक देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल गुमला रेफर कर दिया गया. चिकित्सकों के अनुसार दोनों घायलों की स्थिति गंभीर बनी हुई है.

पुलिस ने वाहन जब्त कर शुरू की जांच

बुधवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया. इसके साथ ही दुर्घटनाग्रस्त कार को जब्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है. पुलिस प्रारंभिक जांच में दुर्घटना का कारण तेज रफ्तार और नशे की हालत में वाहन चलाना मान रही है. मामले की विस्तृत जांच जारी है.

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सड़क सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

इस हादसे के बाद क्षेत्र में सड़क सुरक्षा और नशे में वाहन चलाने को लेकर फिर सवाल खड़े हो गए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि रांची-सिमडेगा मुख्य मार्ग पर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं. ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे संवेदनशील मोड़ों पर चेतावनी संकेत, स्पीड कंट्रोल व्यवस्था और नियमित पुलिस निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके.

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लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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