गुमला की साहसी बेटी विनीता के हौसले को देख अब नक्सलियों के खिलाफ एकजुट हुए ग्रामीण, पुलिस पिकेट की मांग, एसपी ने दिया आश्वासन

गुमला शहर से 8 किमी दूर वृंदा नायकटोली के ग्रामीण नक्सलियों के खिलाफ एकजुट हो गये हैं. गांव के युवा, महिला व पुरुष सभी मुखर हो गये हैं. नक्सलियों के खिलाफ ग्रामीणों ने बैठक की. नक्सलियों को गांव में घुसने से रोकने के लिए ग्रामीणों ने गुमला पुलिस से मदद मांगी है.

गुमला : गुमला शहर से 8 किमी दूर वृंदा नायकटोली के ग्रामीण नक्सलियों के खिलाफ एकजुट हो गये हैं. गांव के युवा, महिला व पुरुष सभी मुखर हो गये हैं. नक्सलियों के खिलाफ ग्रामीणों ने बैठक की. नक्सलियों को गांव में घुसने से रोकने के लिए ग्रामीणों ने गुमला पुलिस से मदद मांगी है. पूरा मामला क्या है, पढ़ें दुर्जय पासवान की रिपोर्ट.

शुक्रवार को वृंदा नायकटोली की करीब 200 महिलाएं गुमला पहुंची. गुमला विधायक भूषण तिर्की को लिखित ज्ञापन सौंपा. जिसमें महिलाओं ने नक्सलियों को खत्म करने के लिए गांव में पुलिस पिकेट की स्थापना करने की मांग की है. महिलाओं ने कहा है : नक्सलियों के पास हथियार है. इसलिए वे अपने को शक्तिशाली समझते हैं. बंदूक के बल पर वे दहशत पैदा करते रहे हैं. बेगुनाओं को मारते रहे हैं, लेकिन हम ग्रामीणों के पास पारंपरिक हथियार (टांगी, बलुवा, कुदाल, लाठी, डंडा, तलवार) है. टांगी, बलुवा के बल पर हम कब तक लड़ेंगे. इसलिए गांव की सुरक्षा व नक्सलियों से लड़ने के लिए पुलिस को भी मदद करनी होगी. इसके लिए गांव में अस्थायी पुलिस पिकेट की स्थापना जरूरी है.

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नक्सलमुक्त हुए हैं कई गांव

गुमला में कई गांव ऐसे हैं, जो समय- समय पर नक्सलियों से लोहा लेते रहे हैं. नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब देते रहे हैं. यही वजह है कि कई गांव नक्सल मुक्त हो गयी है. अब छोटे अपराधी भी कई गांवों में अपराध करने से डरते हैं. गांवों को नक्सल व अपराधमुक्त करने में पुलिस ने भी ग्रामीणों की मदद की है. इसलिए वृंदा नायकटोली के ग्रामीण चाहते हैं कि गांव में पुलिस पिकेट की स्थापना हो, जिससे नक्सलियों को खत्म किया जा सके.

बच्चे गांव से नहीं निकलते हैं

महिलाओं ने कहा कि जब से गांव की बेटी विनीता उरांव ने नक्सली कमांडर बसंत गोप को मार गिराया है. तब से गांव में पुलिस कैंप कर रही थी, लेकिन बुधवार को पुलिस का कैंप गांव से हट गया है. बुधवार से ही रात 8.30 से 9.00 बजे के बीच नक्सली गांव में घुसकर फायरिंग करते हैं. गुरुवार की रात को भी फायरिंग किये हैं. इस कारण गांव के लोग दो दिन से डरे हुए हैं. नक्सली डर के कारण माता- पिता अपने बच्चों को गांव से बाहर निकलने नहीं दे रहे हैं.

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विनीता ने दिखायी थी साहस

वृंदा पंचायत नक्सल प्रभावित है. नक्सलियों ने कई बड़ी घटनाओं को यहां अंजाम दे चुके हैं. पहले सिर काटकर बीच सड़क में रख देते थे. लेकिन, हाल के दिनों में ग्रामीण एकजुट हुए, तो कुछ बहुत नक्सल घटनाओं में कमी आयी है. पुलिस भी लगातार कार्रवाई कर रही है. 5 मई को पुन: नक्सली गांव में घुसकर बड़ी घटना करने वाले थे, पर वृंदा नायकटोली गांव की विनीता उरांव ने साहस दिखाते हुए नक्सलियों से लड़ी और पीएलएफआई (PLFI) के एरिया कमांडर बसंत गोप को मार गिरायी थी. इसके बाद से नक्सली डर गये हैं, लेकिन ग्रामीण इस बात को लेकर आशंकित हैं कि कहीं अपने साथी का बदला लेने के लिए नक्सली दोबारा गांव में हमला न करें. इसलिए ग्रामीण एकजुट हो गये हैं और पुलिस से मदद मांगी है.

गांव में पुलिस करेगी गश्ती, एसपी ने दिया भरोसा : विधायक

विधायक भूषण तिर्की ने कहा कि महिलाओं ने आवेदन सौंपते हुए गांव में पुलिस पिकेट की मांग की है. गुमला एसपी से इस मामले में गंभीरता पूर्वक कदम उठाने के लिए कहा है. एसपी ने भरोसा दिलाया है कि पुलिस गांव के साथ है. पुलिस गांव में गश्ती करेगी.

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नक्सलियों के मंसूबे नहीं होंगे कामयाब : एसपी

गुमला एसपी एचपी जनार्दनन ने कहा कि नक्सलियों के मंसूबे कभी पूरे नहीं होंगे. वृंदा नायकटोली के ग्रामीणों के साथ पुलिस है. जबतक पुलिस पिकेट की स्थापना नहीं होगी, तब तक गुमला पुलिस गांव में गश्ती करेगी. ग्रामीण कोई भी सूचना पुलिस को तुरंत दें. कार्रवाई जरूर होगी.

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