गुमला: संत अन्ना प्लस टू उवि दाऊद नगर पुग्गू गुमला में मंगलवार को विद्यालय दिवस मनाया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ शिक्षकों की अगुवाई में सामूहिक प्रार्थना के साथ हुई, जिसमें संस्था से जुड़े सभी लोगों के लिए ईश्वर को धन्यवाद दिया और आने वाले समय के लिए आशीष मांगा. प्रधानाध्यापिका सिस्टर ललिता टोप्पो ने कहा कि संत अन्ना विद्यालय बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है. कहा कि यह विद्यालय शहर से काफी दूर होने के कारण यहां अधिकांश विद्यार्थी ग्रामीण क्षेत्र से आते हैं.
यहां बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक ज्ञान, चरित्र निर्माण व व्यवसाय परक शिक्षा प्रदान की जा रही है, ताकि बच्चे अपना भविष्य बेहतर बना सके. उन्होंने कहा कि संत अन्ना विद्यालय दलगत पढ़ाई और मूल्य आधारित शिक्षा द्वारा अपनी पहचान बना रही है. यहां आदिवासी पिछड़े वर्ग के बच्चों को खुला मुखर बनाने के लिए विचार अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित किया जाता है.
बाल वर्गों में खेलकूद शिक्षा प्रणाली के साथ एक वर्ग एक शिक्षक प्रणाली के तहत शिक्षा प्रदान की जा रही है, जिससे बच्चों को लाभ मिल रहा है. सिस्टर ललिता ने विद्यालय की संरक्षिका संत अन्ना को धन्यवाद अर्पित करते हुए बच्चों से संत अन्ना की तरह ही धैर्यवान बनने के लिए प्रेरित किया. कहा कि संत अन्ना हमारे विद्यालय की संरक्षिका संत हैं.
संत अन्ना व जोवकिम धार्मिक, धैर्यवान, अदम्य साहस व प्रेम, सेवा व प्रार्थना मय जीवन जीते हुए ईश्वर पर विश्वास रखा और कभी अपने जीवन में निराश नहीं हुए. धैर्य पूर्वक जीवन में आगे बढ़े और तब ईश्वर ने उन्हें भरपूर आशीष दिया. वहीं विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गयी.
कार्यक्रम में सिस्टर प्रेमिका, सिस्टर निर्मला, सिस्टम ऑफिर, प्रियंका, ललिता, सुशांति, किरण, गुलाबी, निशि, रोजलीन, एलिस, अनूपा, अनिमा, स्वाति, रेशमा, खुशबू, मनीषा, साक्षी, पॉल, एल्विन, संदीप, राकेश, राम, अनूप, दिलीप, कमल डुंगडुंग आदि उपस्थित थे.
