शिलान्यास बोर्ड से जनप्रतिनिधियों के नाम गायब, मुखिया ने जतायी नाराजगी

डुमरी में पीएम जनमन सड़क योजना के शिलान्यास बोर्ड में स्थानीय जनप्रतिनिधियों का नाम नहीं होने पर प्रमुख और मुखिया ने जताई कड़ी आपत्ति और नाराजगी.

डुमरी. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएम जनमन) के तहत स्वीकृत दीना महुआ टोली से बेलटोली तक 3.4 किलोमीटर सड़क निर्माण योजना के शिलान्यास बोर्ड में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के नाम नहीं होने पर जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी जतायी है. प्रखंड प्रमुख जीवंती एक्का, पंचायत मुखिया प्रदीप मिंज सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने इस पर आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि विकास योजनाओं में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिये.

ग्रामीणों की समस्याएं प्रशासन तक पहुंचाते हैं जनप्रतिनिधि

प्रखंड प्रमुख जीवंती एक्का ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधि लगातार ग्रामीणों के संपर्क में रहते हैं. ग्रामीणों की समस्याओं को संबंधित विभाग और प्रशासन तक पहुंचाने के साथ योजनाओं की जरूरत एवं प्राथमिकता को लेकर भी वे लगातार प्रयास करते हैं. ऐसे में योजना के शिलान्यास बोर्ड पर उनका नाम नहीं होना उचित नहीं है.

जनप्रतिनिधियों के नाम शामिल करने की मांग

पंचायत मुखिया प्रदीप मिंज ने कहा कि विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है. उन्होंने मांग की कि भविष्य में योजना एवं शिलान्यास बोर्ड पर प्रखंड प्रमुख, पंचायत मुखिया, जिला परिषद सदस्य सहित संबंधित जनप्रतिनिधियों के नाम भी शामिल किया जाये.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >