सिसई. थाना क्षेत्र में एक आदिवासी नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता और उसके परिजनों को आरोपी की तरफ से केस वापस लेने का दबाव बनाने और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है. इतना ही नहीं आरोपी पर मामले के गवाहों को भी धमकाने का आरोप लगाया गया है. घटना के बाद पीड़िता व उसके परिजन दहशत में हैं. जानकारी के अनुसार सोमवार की सुबह करीब 10 बजे आरोपी अपने चार सहयोगी के साथ पीड़िता के घर पहुंच गया और केस वापस लेने के लिए दबाव बनाने लगा. जब पीड़िता और परिजनों ने इसका विरोध किया, तो आरोपी और उसके सहयोगी आक्रोशित हो गये. इस दौरान पीड़िता और उसके मौसा को जान से मारने की धमकी दी गयी व हाथापाई करने की कोशिश की गयी. सभी किस तरह एक कमरे में बंद होकर अपनी जान बचायी. उनलोगों ने आरोपियों के जाने के बाद सिसई थाना पहुंच कर लिखित आवेदन देकर अपने तथा परिजनों की सुरक्षा की गुहार लगायी. पीड़िता ने बताया कि मार्च 2022 में मकुंदा झुकनाटांड़ निवासी रोहित महतो ने दुष्कर्म किया था. उस समय पीड़िता की उम्र मात्र 13 साल थी. पीड़िता के आवेदन पर सिसई थाना में कांड संख्या 35/22 दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया गया था. हालांकि करीब छह माह बाद आरोपी को हाईकोर्ट से जमानत मिल गयी. जमानत पर छूटने के बाद वह और उसके परिजन लगातार पीड़िता पर केस वापस लेने का दबाव बना रहे हैं. केस वापस नहीं लेने पर जान से मारने की धमकी दी जा रही है. इस मामले में अबतक आठ लोगों की गवाही हो चुकी है. उन्हें भी आरोपी द्वारा धमकाने की बात सामने आयी है. पीड़िता अपने मौसा के घर रह कर पढ़ाई कर रही है.
दुष्कर्म पीड़िता को केस उठाने की मिल रही धमकी, थाना में दिया आवेदन
दुष्कर्म पीड़िता को केस उठाने की मिल रही धमकी, थाना में दिया आवेदन
