गुमला: गुमला से छह डॉक्टरों के तबादले का मामला गरमा गया है. पहले से ही जिले में डॉक्टरों की कमी है, ऐसे में छह और डॉक्टरों के स्थानांतरण से स्वास्थ्य व्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका जतायी जा रही है.
गुमला चेंबर ऑफ कॉमर्स के पूर्व अध्यक्ष हिमांशु केशरी ने कहा कि जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर गंभीर संकट के दौर से गुजर रही है. स्वास्थ्य विभाग द्वारा हाल ही में किए गए तबादलों के तहत गुमला जिले से छह वरिष्ठ एवं विशेषज्ञ डॉक्टरों का स्थानांतरण कर दिया गया है, लेकिन उनके स्थान पर एक भी नए चिकित्सक की पदस्थापना नहीं की गयी है.
उन्होंने कहा कि पहले से ही चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की कमी झेल रहे सदर अस्पताल के लिए यह फैसला बड़ा झटका है. अस्पताल में रोजाना जिले के दूर-दराज ग्रामीण इलाकों से सैकड़ों मरीज इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं. ग्रामीण क्षेत्रों से गरीब मरीज किराये के पैसे जुटाकर सदर अस्पताल आते हैं. ऐसे में अगर यहां डॉक्टरों की कमी होगी, तो लोगों को मजबूरी में निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ेगा, जहां इलाज काफी महंगा है.
हिमांशु केशरी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का यह रवैया गुमला की जनता के साथ अन्याय है. उन्होंने तबादला किए गए डॉक्टरों के स्थान पर अविलंब विशेषज्ञ और सामान्य चिकित्सकों की तैनाती करने की मांग की है. साथ ही कहा कि जब तक नए डॉक्टर पदभार ग्रहण नहीं करते, तब तक अस्थायी रूप से डॉक्टरों की प्रतिनियुक्ति की जाए.
