गुमला: राज्य सरकार की नयी रॉयल्टी चालान व्यवस्था समेत नौ सूत्री मांगों को लेकर संवेदक संघ गुमला जिला के बैनर तले बुधवार को समाहरणालय परिसर में एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया. जिले भर से संवेदकों ने इसमें भाग लेकर नयी रॉयल्टी चालान व्यवस्था को वापस लेने तथा लंबित एसीए मद का भुगतान शीघ्र करने की मांग की.
धरना को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि नयी रॉयल्टी चालान प्रक्रिया के कारण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं. भुगतान रुका होने से संवेदक आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं और कई निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे हैं. संवेदक संघ के अध्यक्ष संतोष कुमार गुप्ता (गुड्डू) ने कहा कि नयी व्यवस्था लागू होने के बाद किसी भी संवेदक का भुगतान नहीं हो पा रहा है.
भुगतान की उम्मीद में संवेदक रोज कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन प्रक्रिया के कारण सभी भुगतान लंबित हैं. उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो जिले में सभी निर्माण कार्य अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिये जायेंगे, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी.
संघ के सदस्य गोपाल शर्मा ने कहा कि नयी व्यवस्था के कारण अनावश्यक प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ रहा है, जिससे विकास कार्यों की गति धीमी हो गयी है. उन्होंने जनहित और विकास कार्यों को देखते हुए सरकार से व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की मांग की. धरना के बाद संवेदकों ने अपनी नौ सूत्री मांगों से संबंधित ज्ञापन उपायुक्त गुमला के माध्यम से राज्य सरकार को सौंपा.
मंच संचालन आनंद गुप्ता ने किया. धरना-प्रदर्शन में यशवंत सिंह, गोपी सिंह, दीपक गुप्ता, आनंद गुप्ता, ब्रजेश भगत, विनोद महतो, प्रदीप प्रसाद, प्रवीण साहू, शैलेंद्र चौरसिया, पंकज गुप्ता, पंकज कुमार, रामजतन साहू, सरोज कुमार, आशिक अंसारी, देवी सिंह, कमरू खान, अजीज खान, सबिर खान, भोला सिंह, शुभम सिंह, नसीम ताज, उस्मान खान, जैनुल खान, मंटू सिंह, राजेश कुमार सिंह, राजीव कुमार, संजय कुमार, हैदर खान, अशोक कुमार साहू अन्य संवेदक मौजूद थे.
आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं संवेदक
संघ के सचिव पंकज सिंह, संवेदक दिनेश साहू और दिलीपनाथ साहू ने कहा कि लंबे समय से भुगतान लंबित रहने के कारण संवेदक आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं. उन्होंने बताया कि एसीए मद का करीब 30 करोड़ रुपये अब भी बकाया है. यदि सरकार ने शीघ्र भुगतान नहीं किया और नयी व्यवस्था पर निर्णय नहीं लिया, तो पूरे झारखंड में चरणबद्ध आंदोलन और धरना-प्रदर्शन किया जायेगा.
नयी व्यवस्था व्यावहारिक नहीं
संघ के कार्यकारिणी सदस्य मनोज सिंह ने कहा कि नयी रॉयल्टी चालान व्यवस्था व्यावहारिक नहीं है. इससे भुगतान पूरी तरह प्रभावित हो गया है और विकास योजनाओं का संचालन भी बाधित हो रहा है. उन्होंने सरकार से व्यवस्था को रद्द करने तथा लंबित एसीए फंड का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की.
