गुमला से दुर्जय पासवान की रिपोर्ट
Gumla News: झारखंड के गुमला जिले के बसिया थाना क्षेत्र अंतर्गत तिर्रा केमता टोली गांव में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने रिश्तों, संवेदनाओं और मानवता को झकझोर कर रख दिया है. पारिवारिक विवाद इतना बढ़ गया कि एक गर्भवती महिला को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ी. जेठ द्वारा मारी गई लात से उसके गर्भ में पल रहे जुड़वा बच्चों की मौत हो गई.
मामूली विवाद ने लिया हिंसक रूप
पीड़िता के पति बसंत कुमार साहू के अनुसार, वह अपने घर के सामने टेंपो खड़ा करने के लिए एक शेड का निर्माण कर रहे थे. इसी दौरान उनके बड़े भाई उदय प्रताप साहू वहां पहुंचे और निर्माण कार्य पर आपत्ति जताने लगे. पहले हल्की कहासुनी हुई, लेकिन देखते ही देखते विवाद ने उग्र रूप ले लिया और मामला मारपीट तक पहुंच गया.
बीच-बचाव में आई गर्भवती महिला
जब दोनों भाइयों के बीच झगड़ा बढ़ने लगा, तो बसंत की पत्नी सीमा कुमारी, जो सात महीने की गर्भवती थीं, बीच-बचाव करने पहुंचीं. लेकिन स्थिति संभलने के बजाय और बिगड़ गई. आरोप है कि गुस्से में आकर उदय प्रताप साहू ने सीमा कुमारी के पेट पर जोरदार लात मार दी. इस वार के बाद वह जमीन पर गिर पड़ीं और दर्द से कराहने लगीं.
अस्पताल में टूटी उम्मीदें
घटना के तुरंत बाद परिजन सीमा को बसिया रेफरल अस्पताल लेकर पहुंचे. वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए गुमला सदर अस्पताल रेफर कर दिया. जब गुमला में जांच की गई, तो डॉक्टरों ने जो जानकारी दी, उसने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया. डॉक्टरों ने बताया कि गर्भ में पल रहे जुड़वा बच्चों की मौत हो चुकी है.
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
यह खबर सुनते ही परिवार में मातम छा गया. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. एक ओर जहां एक मां ने अपने अजन्मे बच्चों को खो दिया, वहीं परिवार के भीतर का विवाद एक ऐसी त्रासदी में बदल गया, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती.
पुलिस में शिकायत, कार्रवाई की मांग
घटना के बाद पीड़ित पति बसंत कुमार साहू ने बसिया थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है. उन्होंने अपने बड़े भाई उदय प्रताप साहू के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है. पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और आरोपी की तलाश की जा रही है.
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कानून और समाज के लिए चेतावनी
यह घटना न सिर्फ एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि समाज के लिए भी एक गंभीर चेतावनी है. छोटी-छोटी बातों पर बढ़ता गुस्सा और हिंसा किस हद तक नुकसान पहुंचा सकती है, इसका यह दर्दनाक उदाहरण है. जरूरत है कि ऐसे मामलों में समय रहते समझदारी से काम लिया जाए और विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया जाए.
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