दुबई में युवक के लापता होने से गुमला में आक्रोश, अहीर सेना ने 1 सितंबर को बंद बुलाया

दुबई में लापता युवक उदय गोप का सुराग न मिलने से अहीर समाज में आक्रोश है. अहीर सेना ने सकुशल बरामदगी की मांग को लेकर 1 सितंबर को गुमला बंद का आह्वान किया है.

गुमलाः नगर क्षेत्र के कुसुमटोली निवासी उदय गोप के दुबई में लापता होने के मामले में अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिलने से अहीर समाज में आक्रोश है. उदय गोप की सकुशल बरामदगी की मांग को लेकर अहीर सेना ने एक सितंबर 2026 को गुमला बंद का आह्वान किया है.

बैठक में आंदोलन को लेकर बनी रणनीति

बंद को सफल बनाने को लेकर बिरकेरा महुआटोली में अहीर सेना झारखंड की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक में चंदन गोप, लोहारमन गोप, अनिल यादव, देव नारायण गोप, पवन गोप, अमर गोप, अनिल गोप समेत समाज के कई प्रमुख लोग और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए. बैठक में उदय गोप के रहस्यमय तरीके से लापता होने पर चिंता जताई गई. वक्ताओं ने मामले में पुलिस-प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए और युवक की तलाश में तेजी लाने की मांग की.

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एक सितंबर को गुमला बंद रखने का निर्णय

देव नारायण गोप ने कहा कि उदय गोप की तलाश में तेजी लाने और प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए एक सितंबर को पूर्ण रूप से गुमला बंद रखा जाएगा. उन्होंने कहा कि उदय गोप की सकुशल बरामदगी के लिए समाज एकजुट है. समाज के मुख्य संरक्षक लोहारमन गोप ने बंद को प्रभावी और सफल बनाने के लिए बिरकेरा सहित आसपास के लोगों से बढ़-चढ़कर इसमें भाग लेने का आह्वान किया.

बरामदगी तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी

वक्ताओं ने कहा कि जब तक उदय गोप की सकुशल बरामदगी नहीं हो जाती, अहीर समाज शांत नहीं बैठेगा. जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा. अहीर सेना के सचिव देव नारायण गोप, कोषाध्यक्ष चंदन गोप और प्रखंड अध्यक्ष अनिल यादव ने स्थानीय प्रशासन से मामले में अविलंब कार्रवाई करने की मांग की. उन्होंने कहा कि प्रशासन उदय गोप की तलाश के लिए हरसंभव प्रयास करे, ताकि लापता युवक का जल्द पता लगाया जा सके.

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लेखक के बारे में

By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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