गुमला. भारत माला परियोजना के तहत प्रस्तावित डायवर्ट एनएच-43 सड़क निर्माण को लेकर घटगांव पंचायत के लट्ठाटोली में ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है. सोमवार को लट्ठा टोली स्थित पेड़ के नीचे ग्रामीणों की बैठक हुई. इसमें लट्ठा टोली, लट्ठा बरटोली व घटगांव टोली के ग्रामीण शामिल हुए. बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि परियोजना के लिए चिन्हित की गयी पहनाई जमीन धार्मिक आस्था और पारंपरिक पूजा-पाठ से जुड़ी हुई है. इस जमीन का उपयोग वर्षों से गांव के धार्मिक अनुष्ठानों, सामुदायिक पूजा और रोगमुक्ति संबंधी पारंपरिक कार्यक्रमों के लिए किया जाता रहा है. इसलिए ग्रामसभा की सहमति के बिना किसी स्थिति में यह जमीन परियोजना के लिए नहीं दी जायेगी. ग्रामीणों ने बताया कि भारत माला प्रोजेक्ट के लिए करीब 22 प्लॉट जमीन चिन्हित की गयी हैं, जिनमें कई ऐसे स्थल शामिल हैं, जो ग्रामीणों की परंपरा व संस्कृति से गहराई से जुड़े हुए हैं. ग्रामीणों का कहना है कि यह सिर्फ जमीन का मामला नहीं, बल्कि उनकी धार्मिक मान्यताओं, सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक अस्तित्व से जुड़ा विषय है. बैठक में लोगों ने कहा कि गांव की पहनाई जमीन को सुरक्षित रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है. उन्होंने आरोप लगाया कि बिना ग्रामसभा की पूर्ण सहमति के जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ायी जा रही है, जो ग्रामीण अधिकारों का उल्लंघन है. ग्रामीणों ने मांग की कि किसी परियोजना से पहले ग्रामसभा की राय को प्राथमिकता दी जाये और पारंपरिक धार्मिक स्थलों को किसी भी कीमत पर प्रभावित नहीं किया जाये. ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को नजरअंदाज कर जबरन जमीन अधिग्रहण की कोशिश की गयी, तो आंदोलन को और तेज किया जायेगा. बैठक में ज्योति कुजूर, लोथे उरांव, बिंझू उरांव, बोनोद टाना भगत, महाबीर टाना भगत, बिरसो मिंज समेत कई ग्रामीण उपस्थित थे.
सांसद विधायक से ग्रामीण नाराज
सड़क निर्माण को लेकर ग्रामीणों के चल रहे विरोध के बावजूद सांसद व विधायक की चुपी से ग्रामीणों में आक्रोश है. ग्रामीणों ने कहा है कि हमारी जमीन बचाने के लिए विधायक व सांसद का साथ नहीं मिल रहा है. इसलिए आने वाले चुनाव में हम इसका हिसाब लेंगे.
