गुमला. गुमला जिला प्रशासन ने सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए अनूठी और भावनात्मक पहल शुरू की है. भविष्य की पीढ़ी को जागरूक कर अभिभावकों के व्यवहार में बदलाव लाने के उद्देश्य से जिला परिवहन पदाधिकारी ज्ञान शंकर जायसवाल के नेतृत्व में एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है. इस क्रम में शुक्रवार को राजकीयकृत उच्च व मध्य विद्यालय अरमई में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. डीटीओ ने कक्षा चार से आठ तक के बच्चों को सड़क दुर्घटनाओं की वास्तविक वीडियो फुटेज दिखायी. सीसीटीवी में कैद उन भयावह दृश्यों को देख कर बच्चे सिहर उठे. इस दौरान उन्हें समझाया कि कैसे महज एक सेकेंड की लापरवाही खुशहाल परिवारों को तबाह कर देती है. डीटीओ ने कहा कि जब घर के बड़े खुद हेलमेट नहीं पहनते, तो वे बच्चों से नियमों के पालन की उम्मीद कैसे कर सकते हैं. माता-पिता ही बच्चों के पहले शिक्षक होते हैं. अगर वे खुद हेलमेट पहन कर गाड़ी चलायेंगे, तो आनेवाली पीढ़ी इसे संस्कार के रूप में अपनायेगी. कार्यक्रम के अंत में सभी छात्र-छात्राओं ने सामूहिक शपथ ली कि वे अपने माता-पिता को तब तक गाड़ी की चाबी नहीं देंगे या घर से बाहर नहीं जाने देंगे. जब तक वे हेलमेट या सीट बेल्ट न लगा लें.
अब बच्चे बड़ों को सिखायेंगे ट्रैफिक के नियम : डीटीओ
अब बच्चे बड़ों को सिखायेंगे ट्रैफिक के नियम : डीटीओ
