गुमला. नगर परिषद में अध्यक्ष और प्रतिनिधियों की सक्रियता को लेकर चर्चा शुरू हो गयी है. नगर परिषद अध्यक्ष शकुंतला उरांव इन दिनों शहर के विभिन्न इलाकों का भ्रमण कर लोगों की समस्याओं को जानने का प्रयास कर रही हैं. वह कई स्थानों पर सूखे पेड़ों की डालियां कटवाते हुए भी नजर आ रही हैं. पेड़ों की डालियां कटवाने से जुड़े वीडियो वह अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी साझा कर रही हैं. अध्यक्ष के भ्रमण के दौरान नाली, सड़क, सफाई समेत मोहल्लों की दूसरी समस्याओं की जानकारी ली जा रही है. स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनने के बाद उनके समाधान का आश्वासन भी दिया जा रहा है. हालांकि, इन समस्याओं का समाधान कब तक होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है. स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि अध्यक्ष के संज्ञान में आने के बाद उनकी समस्याओं पर कार्रवाई होगी.
22 वार्डों में समस्याएं, पार्षदों की सक्रियता पर सवाल
गुमला नगर परिषद क्षेत्र में कुल 22 वार्ड हैं. शहर के विभिन्न मोहल्लों में घूमने पर सड़क, नाली और सफाई से जुड़ी समस्याएं आसानी से नजर आती हैं. इसके बावजूद कई जगहों पर समस्याओं के समाधान की पहल को लेकर सवाल उठ रहे हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार, दो-तीन पार्षदों को छोड़ दें तो अधिकांश पार्षद अपने-अपने मोहल्लों में मौजूद रहते हैं, लेकिन जनता की समस्याओं को दूर कराने के लिए सक्रिय पहल फिलहाल नजर नहीं आ रही है.
बाजार टांड़ में कीचड़ और गंदगी से परेशानी
शहर के बाजार टांड़ की स्थिति लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है. यहां जगह-जगह गंदगी और कीचड़ जमा है. इससे लोगों को पैदल चलने में परेशानी होती है. इसी बाजार टांड़ में गुमला जिले का बड़ा बाजार लगता है, जहां नियमित रूप से बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि बाजार टांड़ से नगर परिषद को हर साल लाखों रुपये का राजस्व प्राप्त होता है, लेकिन इसके बावजूद सफाई व्यवस्था को लेकर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है. लोगों का दावा है कि कई जगहों पर नियमित सफाई तक नहीं होती.
चुनावी वादों को लेकर भी उठ रहे सवाल
बाजार टांड़ के आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि गंदगी और बदबू से उन्हें परेशानी हो रही है. कुछ लोगों ने स्थानीय पार्षदों की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव के दौरान बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव के बाद बुनियादी समस्याओं के समाधान के लिए अपेक्षित पहल नहीं दिखती. अब लोगों की नजर नगर परिषद अध्यक्ष और वार्ड पार्षदों पर है कि बाजार टांड़ समेत शहर के अन्य इलाकों की समस्याओं के समाधान के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं. नगर परिषद में अध्यक्ष और कार्यपालक पदाधिकारी की भूमिका फिलहाल महत्वपूर्ण बनी हुई है, जबकि उपाध्यक्ष की भूमिका को लेकर भी चर्चा हो रही है.
