पालकोट. प्रखंड की नाथपुर पंचायत अंतर्गत सातखारी सावनाटोली गांव में 14वें वित्त आयोग से बनी जलमीनार हाथी का दांत साबित हो रही है. ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने बीते छह माह पूर्व दो जगहों पर जलमीनार लगायी. लेकिन लगभग दो माह तक जलमीनार से पानी मिलने के बाद बेकार हो गयी और पानी मिलना बंद हो गया. सावनाटोली के छोटू उरांव, बिरसा उरांव, पुरुषोतम उरांव समेत अन्य ग्रामीणों ने बताया कि आज से छह माह पूर्व हमारे गांव में पेयजल व स्वच्छता विभाग से दो जलमीनार बनायी गयी है. लेकिन बीते चार माह से जलमीनार बेकार पड़ी है. ग्रामीण बताते हैं कि उनके आदिवासी बहुल गांव की आबादी लगभग 200 है. जलमीनार खराब होने के बाद पेयजल के लिए परेशानी हो रही है. ग्रामीणों ने बताया कि जलमीनार खराब होने के बाद विभाग के जेइ बुधराम भगत व जलमीनार लगाने वाले संवेदक को इसकी सूचना दी गयी है. लेकिन अभी तक न तो विभाग द्वारा कुछ पहल की गयी है और न ही संवेदक द्वारा जलमीनार को ठीक कराया गया. ग्रामीणों ने प्रशासन से जलमीनार को ठीक कराने की मांग की है.
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