सिसई में मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर सड़क पर उतरे लोग, दुकानदारों ने बंद रखीं दुकानें

सिसई प्रखंड में मूलभूत सुविधाओं की कमी के खिलाफ लोगों ने किया प्रदर्शन। राज्यपाल, सीएम और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के नाम सीओ को सौंपा गया ज्ञापन।

गुमला: गुमला के सिसई प्रखंड मुख्यालय में मूलभूत सुविधाओं की कमी से परेशान लोगों का आक्रोश शुक्रवार को सड़क पर उतर आया. नागरिकों ने प्रदर्शन कर प्रशासन से समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सिसई के मुख्य शहरी क्षेत्र में आजादी के बाद से अब तक एक भी सार्वजनिक सुलभ शौचालय की व्यवस्था नहीं हो सकी है.

इसका सबसे अधिक खामियाजा महिलाओं को भुगतना पड़ रहा है. धरना-प्रदर्शन की सबसे खास बात सामाजिक एकता रही. हिंदू जागरण मंच के संजय वर्मा और अंजुमन फलाहुल इस्लामिया सिसई के सदर सलमान अली एक ही मंच पर बैठकर आंदोलन का नेतृत्व करते नजर आये.

दोनों नेताओं ने कहा कि यह किसी राजनीतिक दल या समाज विशेष का मुद्दा नहीं, बल्कि सिसई के आम नागरिकों के अधिकार और विकास से जुड़ी लड़ाई है. इस एकजुटता ने आंदोलन को व्यापक समर्थन दिलाया. धरना शुरू होने के बाद मुख्य सड़क, बसिया रोड और थाना रोड के अधिकांश व्यापारियों ने समर्थन में अपने प्रतिष्ठान स्वेच्छा से बंद रखे.

झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा, अंजुमन फलाहुल मुस्लिमीन और भारतीय जनता पार्टी ने भी आंदोलन को जनहित का मुद्दा बताते हुए समर्थन दिया. प्रदर्शन के बाद राज्यपाल, मुख्यमंत्री, सांसद और विधायक के नाम एक ज्ञापन सीओ अशोक बड़ाइक को सौंपा गया. धरना-प्रदर्शन में रोहित शर्मा, मुकेश श्रीवास्तव डेविड, पंकज साहू, मनोज वर्मा, रामानंद सिंह, गजराज महतो, निरंजन सिंह, नंदू सिंह, लालमोहन साहू, सुमित महली, लक्ष्मी नारायण यादव, सनंत केशरी, विनय विश्वकर्मा, चुड़ामन गोप, जमुना पंसारी, राशिद करीम, अशफाक अंसारी, सफीक अंसारी, इजराइल अंसारी, छोटू अंसारी, हसनैन खान, कृष्णा केशरी सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे.


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By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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