लाह बना आदिवासी किसानों की समृद्धि का आधार : वैज्ञानिक

गुमला जिले के कामडारा प्रखंड के नौ पंचायतों में कृषि जागरूकता व प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ.

प्रतिनिधि, गुमला

गुमला जिले के कामडारा प्रखंड के नौ पंचायतों में कृषि जागरूकता व प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ. इसमें 1286 किसानों ने भाग लिया. केवीके गुमला के वरीय वैज्ञानिक व विषय विशेषज्ञ अटल बिहारी तिवारी ने कहा है कि कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, प्राकृतिक खेती, अंतरवर्तीय फसल प्रणाली, मधुमक्खी पालन, बागवानी, जल संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य, समेकित कीट प्रबंधन जैसी उन्नत और लाभकारी विधियों से अवगत कराना था. इसके अतिरिक्त, सरकारी योजनाओं की जानकारी एवं लाभ कैसे प्राप्त करें, इस पर भी विस्तृत चर्चा की गयी. लाह की खेती गुमला जिले में किसानों के लिए एक बैंक के समान है. उन्होंने लाह उत्पादन की वैज्ञानिक विधियों, कीट नियंत्रण, समयानुसार कटाई और विपणन पर विस्तृत जानकारी प्रदान की. उन्होंने यह भी बताया कि कैसे कम लागत में अधिक लाभ प्राप्त कर किसान आत्मनिर्भर बन सकते हैं. प्रत्येक पंचायत में स्थानीय कृषि अधिकारियों एवं वैज्ञानिकों द्वारा लाइव डेमो एवं फील्ड विज़िट किसानों के साथ समूह चर्चा एवं अनुभव साझा कार्यक्रम प्राकृतिक खेती पर आधारित विशेष व्याख्यान किया गया. इस अभियान में कृषि विज्ञान केंद्र गुमला के वैज्ञानिक, आत्मा, राज्य कृषि विश्वविद्यालय, ग्राम प्रधान, बीटीएम, एटीएम, किसान मित्र एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मिलकर भाग लिया. मौके पर कई किसानों ने इस अवसर पर अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस तरह की पहले जमीनी स्तर पर बदलाव लाने में अत्यंत सहायक हैं. लाह उत्पादन, प्राकृतिक खेती और मधुमक्खी पालन के बारे में मिली जानकारी से उन्हें आत्मनिर्भरता की नयी राह दिखी है.

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Author: DEEPAK

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