करम पर्व पर प्रकृति संरक्षण का संदेश, चैनपुर में जगह-जगह हुआ पौधारोपण

करम पर्व के अवसर पर चैनपुर में पर्यावरण संरक्षण हेतु बड़े पैमाने पर पौधारोपण अभियान चलाया गया. वन विभाग, पुलिस प्रशासन और ग्रामीणों ने मिलकर प्रकृति को बचाने का संदेश दिया.

चैनपुर. प्रकृति, संस्कृति और भाई-बहन के अटूट प्रेम का पर्व करमा पर चैनपुर प्रखंड क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए व्यापक पौधारोपण अभियान चलाया गया. वन विभाग के सहयोग से आयोजित इस अभियान में पुलिस प्रशासन, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, वनकर्मियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उत्साह के साथ भाग लिया. अभियान के दौरान चैनपुर दुर्गा मंदिर परिसर, छीनपतरा समेत विभिन्न प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर पौधे लगाए गए. कार्यक्रम में जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा, थाना प्रभारी अरविंद कुमार, मुखिया शोभा देवी, ग्राम बैगा खुशवंत बैगा, फॉरेस्टर राजकुमार साहू और उप प्रमुख प्रमोद खलखो समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे.

प्रकृति के करीब आने का देता है संदेश

मौके पर जिप सदस्य मेरी लकड़ा ने कहा कि करमा पर्व लोगों को प्रकृति के करीब आने और उसके संरक्षण का संदेश देता है. झारखंड की पारंपरिक संस्कृति सदियों से प्रकृति और पर्यावरण के साथ सामंजस्य बनाकर जीवन जीने की सीख देती रही है. थाना प्रभारी अरविंद कुमार ने कहा कि पुलिस प्रशासन और आम नागरिकों को कानून व्यवस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी मिलकर काम करना चाहिए. इससे आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित और हरी-भरी धरती मिल सकेगी.

लगाए गए पौधों की देखभाल की अपील

फॉरेस्टर राजकुमार साहू ने वन विभाग की ओर से चलाए जा रहे विभिन्न पर्यावरण संरक्षण अभियानों की जानकारी दी. उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि लगाए गए प्रत्येक पौधे की सुरक्षा और देखभाल अपने बच्चे की तरह करें. तभी पौधारोपण अभियान का वास्तविक उद्देश्य पूरा हो सकेगा. कार्यक्रम को ग्राम बैगा खुशवंत बैगा और मुखिया शोभा देवी ने भी संबोधित किया. उन्होंने करमा पर्व से जुड़ी पारंपरिक मान्यताओं और प्रकृति पूजा के महत्व पर प्रकाश डाला.

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By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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