घाघरा. टाना भगत इंटर महाविद्यालय घाघरा में करम पर्व की पूर्व संध्या पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुआ. कार्यक्रम में झारखंड सरकार के एसटी-एससी एवं ओबीसी कल्याण मंत्री चमरा लिंडा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए.
मंत्री चमरा लिंडा ने कहा कि करम पर्व हमें प्रकृति से जुड़ने और उसके संरक्षण का संदेश देता है. यह पर्व केवल उत्सव नहीं, बल्कि संस्कृति, सभ्यता, परंपरा, सामाजिक एकता और प्रकृति के संतुलन को समझने का अवसर है. उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ना जरूरी है. छात्र-छात्राएं अपने गांवों में जाकर लोगों को करम पर्व की महत्ता और इसके संदेश के बारे में बतायें. उन्होंने युवाओं से आध्यात्मिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनने का आह्वान किया.
मंत्री ने कहा कि करम पर्व में पारंपरिक वाद्य यंत्रों मांदर, ढाक और नगाड़े का विशेष महत्व है. डीजे बजने से पूजा, स्तुति और प्रार्थना की वह भावपूर्ण परंपरा कायम नहीं रह पाती, जो पारंपरिक गीत-संगीत और वाद्य यंत्रों के माध्यम से प्रकृति के प्रति श्रद्धा व्यक्त करती है. इसलिए पर्व के दौरान डीजे से दूरी बनाकर पारंपरिक वाद्य यंत्रों का उपयोग करना चाहिए.
श्री लिंडा ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी करम पर्व के विषय में अपने संबोधन में कहा था कि पूरा विश्व करम पर्व की महत्ता, सभ्यता और संस्कृति को जाने. वहीं, मंत्री चमरा लिंडा ने महाविद्यालय के विकास कार्यों के लिए एक करोड़ रुपये का सहयोग देने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि इस राशि का उपयोग महाविद्यालय के चौमुखी विकास में किया जायेगा.
कार्यक्रम में कृष्णा कुमार लोहरा, विनोद उरांव, सत्येंद्र उरांव, संजू उरांव, शगुफ्ता जरीन, अरशद मोमिन, पवन साहू, निर्मल उरांव सहित कई छात्र-छात्राएं उपस्थित थे.
