मांदर की थाप पर झूम उठा गुमला, करम शोभायात्रा में शामिल हुए विधायक भूषण तिर्की

गुमला शहर करम पर्व की धूम में सराबोर हो गया। कुड़ुख भवन से निकली शोभायात्रा में मांदर की थाप पर लोग थिरकते नजर आए। विधायक भूषण तिर्की ने भी इस उत्सव में भाग लिया।

गुमला. गुमला शहर रविवार को मांदर की थाप से गूंज उठा. करम पर्व पर प्रस्तुत गीतों ने लोगों का मन मोह लिया. अवसर था चाला अखड़ा खोड़हा गुमला द्वारा आयोजित करम पूर्व संध्या समारोह एवं शोभायात्रा का. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गुमला विधायक भूषण तिर्की थे.

कुड़ुख भवन बम्हनी से गुमला शहर के प्रमुख मार्गों से करम पूर्व संध्या पर शोभायात्रा निकाली गयी. इसमें विधायक भूषण तिर्की भी शामिल हुए और मांदर बजाते हुए चले. शहर का भ्रमण करने के बाद शोभायात्रा पुन: कुड़ुख भवन बम्हनी पहुंची, जहां मंचीय कार्यक्रम हुआ. इस दौरान लोक जनजातीय सांस्कृतिक नृत्य-संगीत कार्यक्रम आयोजित किया गया. करीब 50 खोड़हा दलों ने अपनी पारंपरिक नृत्य-संगीत कला की प्रस्तुति दी.

करम पूर्व संध्या एवं शोभायात्रा पर विधायक भूषण तिर्की ने जिलेवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि करम पर्व झारखंड की समृद्ध आदिवासी संस्कृति, प्रकृति के प्रति आस्था और सामाजिक एकजुटता का प्रतीक है. यह पर्व अपनी परंपरा, लोकगीत, लोकनृत्य और सांस्कृतिक विरासत को संजोकर आगे बढ़ाने की प्रेरणा देता है.

उन्होंने कहा कि करम पर्व केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रकृति संरक्षण, भाई-बहन के स्नेह, आपसी प्रेम और सामुदायिक एकता का संदेश भी देता है. गुमला की धरती अपनी समृद्ध जनजातीय संस्कृति और परंपराओं के लिए जानी जाती है. ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिलता है.

विधायक ने करम पूर्व संध्या पर आयोजित शोभायात्रा एवं लोक जनजातीय सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजकों और जिलेवासियों को बधाई देते हुए कहा कि करम पर्व की परंपरा और सांस्कृतिक पहचान को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है. उन्होंने सभी से पर्व को शांति, सद्भाव और उत्साह के साथ मनाने की अपील की.

मौके पर संयोजक राजू लोहरा, अध्यक्ष बंदी उरांव, रंजीत सिंह सरदार, नुरुल होदा सहित हजारों लोग शामिल थे.

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By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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