मांदर बजाते लोग| Prabhat Khabar Network

गुमला : मांदर-नगाड़ों की थाप पर जीवंत हुई आदिवासी संस्कृति, बुरहु में पारंपरिक उल्लास के साथ मना करम

गुमला में पारंपरिक उल्लास के साथ करम पर्व मनाया गया. यह प्रकृति और जीवन के सामंजस्य को दर्शाता है, जिसमें भाई-बहन प्रेम, परिवार की खुशहाली और सुखद जीवन की कामना की जाती है.

गुमला. घाघरा प्रखंड के जटया उच्च विद्यालय बुरहु में मंगलवार को करम पर्व पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दिशा के सदस्य अनिरुद्ध चौबे ने कहा कि करम पर्व प्रकृति और जीवित जगत को जोड़ने वाला पर्व है. प्रकृति मानव को सामंजस्य, संतुलन और सहजीविता का संदेश देती है.

करम पर्व झारखंड के हर कोने में

उन्होंने कहा कि करम पर्व झारखंड के हर कोने में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है. यह केवल भाई-बहन के प्रेम का त्योहार नहीं, बल्कि परिवार की खुशहाली, हरियाली और सुखद जीवन की कामना का पर्व भी है. इस अवसर पर माताएं और बहनें करम देवता की पूजा कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करती हैं. मांदर की थाप और नगाड़ों की गूंज के बीच आदिवासी और मूलवासी संस्कृति जीवंत हो उठती है.

ये भी पढ़ें: लोक नृत्य से जीवंत हुआ गुमला पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर, हर्षोल्लास से मना करम पर्व

विधि-विधान से हुई करम देवता की पूजा

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत से हुई. इसके बाद विधिवत पूजा-अर्चना कर करम देवता को स्थापित किया गया और श्रद्धालुओं के बीच फूल का वितरण किया गया. पूजा की रस्म पहान प्रेमचंद उरांव ने संपन्न कराई. आयोजन में बुरहु, गुनिया, बरवाटोली, बेलगड्डा और जरगटोली के ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. विद्यालय के शिक्षक, छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और ग्रामीणों के सहयोग से कार्यक्रम सफल हुआ.

मांदर बजाते लोग, करम डाल की पूजा करते | Prabhat Khabar Network

शिक्षक, ग्रामीण और समिति के सदस्य रहे मौजूद

मौके पर विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष जीतराम उरांव, सचिव चरवा उरांव, कोषाध्यक्ष गोपाल गोप, प्राचार्य युगल किशोर पांडेय समेत शिक्षक बुधनाथ उरांव, झाड़िया भगत, अजय किशोर मिश्रा, हर्षित पांडेय, आभाष चंद्रबोस, अमरजीत साहू, फुलमनी कुमारी, गंदूरी कुमारी, प्रेमलता मिश्रा, सरिता कुमारी, रोहित गोप, बीरी उरांव, श्रवण माझी, अवध पांडेय, महेश गोप सहित अन्य ग्रामीण मौजूद थे.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >