गुमला में झोलाछाप डॉक्टर की इंजेक्शन से JMM नेता के भाई की मौत का आरोप, समाज में आक्रोश

गुमला के सिसई में सुई लगने के कुछ ही पलों बाद जेएमएम नेता के भाई की मौत हो गई. परिजनों ने झोलाछाप डॉक्टर पर गलत तरीके से सुई लगाने का आरोप लगाया है, जिससे लोगों में गहरा आक्रोश है.

गुमला. गुमला के सिसई प्रखंड के नगर जामपानी गांव में रविवार देर शाम सुई लगने के कुछ ही सेकेंड बाद जेएमएम नेता जगदीश साहू के छोटे भाई शिव साहू बेहोश होकर गिर पड़े. अस्पताल पहुंचने से पहले उनकी मौत हो गई. परिजनों ने गांव के कथित झोलाछाप डॉक्टर जितेंद्र मुंडा पर गलत तरीके से सुई देने का आरोप लगाया है. घटना के बाद साहू समाज के लोगों में आक्रोश है.

गलत तरीके से इंजेक्शन देने का आरोप

बताया गया कि शिव साहू अपने स्टाफ तेजू लोहरा को सुई दिलाने के लिए नगर जामपानी गांव स्थित डॉक्टर जितेंद्र मुंडा के पास गए थे. डॉक्टर ने तेजू लोहरा की कमर में सुई लगाई. इसी दौरान शिव साहू ने शरीर में कभी-कभी खुजली होने की शिकायत बताई. आरोप है कि इसके बाद डॉक्टर ने शिव साहू के हाथ की नस में सुई लगा दी.

लोगों में डॉक्टर के खिलाफ आक्रोश

परिजनों के अनुसार, सुई लगते ही कुछ सेकेंड में शिव साहू बेहोश होकर गिर पड़े. इसके बाद उन्हें होश नहीं आया. आनन-फानन में डॉक्टर ने उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिसई भेजा. वहां स्थिति में सुधार नहीं होने पर उन्हें सदर अस्पताल गुमला रेफर कर दिया गया. हालांकि, सदर अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई. रविवार रात करीब साढ़े आठ बजे शिव साहू का शव सदर अस्पताल गुमला लाया गया. मौत की खबर मिलते ही परिजन और समाज के लोग अस्पताल पहुंच गए. परिजनों के रोने-बिलखने से अस्पताल का माहौल गमगीन हो गया. वहीं, घटना को लेकर लोगों में डॉक्टर के खिलाफ आक्रोश देखा गया.

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जांच और पोस्टमार्टम के बाद स्पष्ट होगी मौत की वजह

जेएमएम नेता जगदीश साहू ने आरोप लगाया कि उनका छोटा भाई स्वस्थ था और डॉक्टर ने गलत तरीके से सुई देकर उसकी जान ले ली. उन्होंने सिसई थाना में लिखित आवेदन देकर पूरे मामले की जांच और डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. इधर, पुलिस मामले की जांच कर रही है. शिव साहू की मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगी. सोमवार को सदर अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा.

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By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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