शिव-पार्वती की आराधना में लीन रहीं सुहागिनें, डुमरी में श्रद्धा से मना तीज पर्व

डुमरी में सुहागिन महिलाओं ने हरतालिका तीज का निर्जला व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की. जानिए इस पावन पर्व का महत्व और पूरी खबर.

डुमरी. सुहागिन महिलाओं का प्रमुख पर्व हरितालिका तीज सोमवार को डुमरी क्षेत्र में श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ मनाया गया. पर्व को लेकर सुबह से ही महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला. महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ निर्जला व्रत रखा और भगवान शिव एवं माता पार्वती की पूजा-अर्चना की. इस दौरान महिलाओं ने अपने पति की दीर्घायु, परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की.

विधि-विधान से हुई पूजा

इस मौके पर पंडिताईन सरिता देवी ने व्रतधारी महिलाओं को विधि-विधान के साथ भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करायी. सामूहिक पूजा के दौरान महिलाओं ने श्रद्धापूर्वक भगवान शिव एवं माता पार्वती का स्मरण किया और तीज व्रत की कथा सुनी.

दांपत्य प्रेम और सुख-शांति का प्रतीक

पंडिताईन सरिता देवी ने पर्व के महत्व की जानकारी देते हुए कहा कि तीज महिलाओं के लिए केवल व्रत और पूजा का पर्व नहीं है, बल्कि यह दांपत्य प्रेम, आस्था और पारिवारिक सुख-शांति का प्रतीक भी है. इस दौरान महिलाओं ने श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना कर परिवार की खुशहाली की कामना की.

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लेखक के बारे में

By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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