गुमला. गुमला के कामडारा प्रखंड क्षेत्र स्थित रेड़वा पंचायत अंतर्गत नरसिंहपुर, बधिया टोली और आमटोली गांव में पिछले दो दिनों से दो जंगली हाथियों ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है. शाम होते ही दोनों हाथी गांव की ओर प्रवेश करने का प्रयास कर रहे हैं. हाथियों के गांव की ओर आने की सूचना मिलते ही वन विभाग की बसिया की त्वरित कार्रवाई दल (क्यूआरटी) टीम मौके पर पहुंची और हाथियों को आबादी क्षेत्र से दूर भगाने में जुट गयी.
बसिया के वनपाल शेखर सिंह और वनरक्षी सागर ने बताया कि एक दांत वाला (बोखा) हाथी प्रत्येक वर्ष चैनपुर क्षेत्र में अकेले विचरण करता था. इस वर्ष वह अपने साथ एक अन्य हाथी को लेकर कामडारा प्रखंड क्षेत्र में पहुंचा है. दोनों हाथी अरहरा, रायकेरा, जरिया, कामडारा, कुदा और बाम्हंडी होते हुए सरिता के रास्ते वापस चैनपुर क्षेत्र की ओर चले जाते हैं.
वन विभाग के अनुसार यह हाथी लगभग दो माह तक कामडारा क्षेत्र में विचरण करता है. हाथियों की गतिविधि की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम रेड़वा के नरसिंहपुर पहुंची और उन्हें गांव से दूर खदेड़ने का प्रयास शुरू किया. इस दौरान ग्रामीण भी सतर्क रहे. वनपाल शेखर सिंह ने ग्रामीणों से अपील की है कि हाथियों के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न करें और उनसे सुरक्षित दूरी बनाए रखें.
हाथियों को तीर, पत्थर, गुलेल या अन्य किसी वस्तु से मारने का प्रयास न करें. उन्होंने ग्रामीणों से घरों में रखी शराब को भी सुरक्षित स्थान पर हटाने की अपील की है. समाचार भेजे जाने तक वन विभाग की टीम हाथियों को आबादी क्षेत्र से दूर भगाने के प्रयास में जुटी हुई थी.
