गुमला में कलमी पौधशाला इकाई का उद्घाटन, किसानों को मिलेंगे गुणवत्तापूर्ण ग्राफ्टेड पौधे

गुमला के रायडीह में 50 एकड़ में नई कलमी पौधशाला शुरू हुई. अब किसानों को गुणवत्तापूर्ण ग्राफ्टेड पौधे आसानी से मिलेंगे, जिससे बागवानी और कृषि को बढ़ावा मिलेगा.

प्रतिनिधि, गुमला

गुमला के रायडीह प्रखंड की सिप्रिंगा पंचायत में शनिवार को जिला प्रशासन एवं प्रदान संस्था के संयुक्त तत्वावधान में स्थापित कलमी पौधशाला (ग्राफ्टेड नर्सरी यूनिट) का उद्घाटन उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने किया. लगभग 50 एकड़ क्षेत्र में विकसित इस इकाई का संचालन घाघरा वूमेन फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड (जीडब्ल्यूएफपीसीएल) के माध्यम से किया जायेगा. इसका उद्देश्य किसानों को गुणवत्तापूर्ण ग्राफ्टेड पौधे उपलब्ध कराना तथा जिले में आधुनिक बागवानी और कृषि तकनीकों को बढ़ावा देना है.

उद्घाटन समारोह में वृंदावन दीदी एवं मंगल दादा ने पौधशाला की स्थापना की यात्रा, चुनौतियों और उपलब्धियों की जानकारी दी. उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने कहा कि यह झारखंड की चुनिंदा ग्राफ्टिंग नर्सरियों में शामिल है. आईसीएआर के वैज्ञानिकों और प्रदान संस्था के सहयोग से विकसित यह मॉडल किसानों के लिये लाभकारी साबित होगा. अब किसानों को ग्राफ्टेड पौधों के लिये दूसरे राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा.

उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन ने कहा कि ग्राफ्टिंग तकनीक से कम लागत में बेहतर उत्पादन मिलेगा और किसानों की आय बढ़ेगी. उन्होंने महिला किसान समूहों एवं किसान उत्पादक कंपनियों की भूमिका की भी सराहना की. कार्यक्रम के अंत में उपायुक्त ने कलमी पौधों से भरे वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. ये पौधे किसानों के घर-घर तक पहुंचाये जायेंगे. उन्होंने ग्रामीणों से संवाद कर सड़क, पेयजल और स्वच्छता से जुड़ी समस्याएं भी सुनीं तथा समाधान का भरोसा दिलाया.

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन, जिला कृषि पदाधिकारी शुभम प्रिया, जिला उद्यान पदाधिकारी तमन्ना परवीन, रायडीह प्रखंड विकास पदाधिकारी, सहायक जिला जनसंपर्क पदाधिकारी एलीना दास, सिकोई पंचायत की मुखिया तबिता तिर्की, आईसीएआर पलांडू के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. पी. भावना, डॉ. महेश ढाकर, सेवानिवृत्त तकनीशियन धनंजय कुमार, प्रदान रांची एवं गुमला की टीम, घाघरा वूमेन फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे.


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By Durjay paswan

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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