गुमला से दुर्जय पासवान की रिपोर्ट
Gumla News: झारखंड के गुमला जिला अंतर्गत चैनपुर प्रखंड प्रशासन और पुलिस की तत्परता से एक नाबालिग लड़की बालिका वधू बनने से बच गई. चैनपुर थाना क्षेत्र में होने जा रहे एक बाल विवाह को प्रशासन ने रुकवा दिया गया है. कम उम्र की लड़की की शादी की सूचना मिलते ही प्रशासन की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को कानून का पाठ पढ़ाते हुए शादी को रुकवाया.
शादी की रस्मों के बीच पहुंची टीम
जानकारी के अनुसार, चैनपुर के मालम पंचायत की एक नाबालिग लड़की का विवाह एक 25 साल के युवक के साथ तय किया गया था. विवाह की रस्में चल रही थीं और घर में मेहमानों का तांता लगा हुआ था. इसी बीच प्रशासन को गुप्त सूचना मिली कि लड़की की उम्र शादी के लिए निर्धारित कानूनी उम्र से कम है. मौके पर पहुंची महिला पर्यवेक्षाका अंजली वर्मा, एएसआइ संतोष धर्मपाल लुगुन, पंचायत प्रतिनिधि सहित अन्य अधिकारी ने ग्रामीणों और दोनों परिवारों को संबोधित करते हुए कहा कि बाल विवाह एक गंभीर अपराध है. उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर यह विवाह होता है, तो न केवल दूल्हा-दुल्हन के परिवार, बल्कि इसमें शामिल होने वाले मेहमान, पंडित, टेंट और बाजा वाले भी कानूनी रूप से दोषी माने जाएंगे और उन्हें जेल की सजा हो सकती है.
दोनों पक्षों ने स्वीकार की गलती
प्रशासन और पुलिस के समझाने के बाद दोनों पक्षों ने अपनी गलती स्वीकार की. लड़के के परिजनों ने लिखित आश्वासन दिया कि वे अभी शादी नहीं करेंगे और लड़की के बालिग होने के बाद ही यह शादी होगी.
निगरानी जारी
फिलहाल लड़की को उसके घर भेज दिया गया है और प्रशासन लगातार मामले पर नजर बनाए हुए है. प्रशासन ने क्षेत्र के लोगों से अपील किया है कि वे बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से मिटाने में मदद करें. अगर कहीं भी इस तरह की घटना की जानकारी मिले, तो तुरंत चैनपुर प्रखंड प्रशासन या चैनपुर थाना को सूचित करें.
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