जनगणना में अलग कॉलम की मांग पर भड़का पिछड़ा वर्ग, सरकार को आंदोलन की चेतावनी

गुमला में पिछड़ा वर्ग संघर्ष समिति ने जनगणना में पिछड़ी जातियों के लिए अलग कॉलम की मांग की है. सरकार द्वारा अनदेखी करने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई है.

गुमला: पिछड़ा वर्ग संघर्ष समिति झारखंड की बैठक रौनियार भवन, पालकोट रोड, गुमला में केंद्रीय अध्यक्ष उदासन नाग की अध्यक्षता में हुई. बैठक में समिति को मजबूत करने के साथ-साथ पिछड़ी जातियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई. आगामी जनगणना में पिछड़ी जातियों के लिए अलग कॉलम नहीं रखे जाने को लेकर सरकार से अलग कॉलम निर्धारित करने की मांग करने का निर्णय लिया गया.

बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि सरकार जनगणना में पिछड़ी जातियों के लिए अलग कॉलम निर्धारित नहीं करती है, तो समिति की ओर से जोरदार आंदोलन किया जाएगा. इसके तहत जनगणना के बहिष्कार के साथ आने वाले किसी भी चुनाव के बहिष्कार का निर्णय भी पिछड़ी जातियों द्वारा लिया जाएगा.

27 सितंबर को सिसई में होगी बैठक

समिति ने आगामी 27 सितंबर 2026 को सिसई प्रखंड के रेडवा स्थित चंद्रानी होटल में बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया. इसमें गुमला के अलावा सिमडेगा, खूंटी, लोहरदगा और अन्य जिलों के प्रतिनिधि शामिल होंगे. इसी बैठक में मशाल जुलूस और रोड जाम करने की तिथि निर्धारित की जाएगी. बैठक में हर हाल में परिसीमन किये जाने पर भी सहमति बनी. साथ ही गुमला समेत सात जिलों में पिछड़ी जातियों का आरक्षण रोस्टर के तहत खत्म किए जाने का मामला भी उठाया गया.

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आरक्षण को लेकर सरकार से नाराजगी

समिति के सदस्यों ने कहा कि आरक्षण के मुद्दे को लेकर समिति की ओर से कई आंदोलन किये जा चुके हैं, लेकिन झारखंड सरकार की ओर से अब तक कोई सार्थक पहल नहीं की गई है. इसे लेकर बैठक में नाराजगी जतायी गई. समिति ने सरकार से मांग की कि पिछड़ी जातियों को हर हाल में आरक्षण दिया जाए, ताकि पिछड़ी जातियों के बच्चों को रोजगार का अवसर मिल सके. बैठक में समिति को और मजबूत करने तथा पिछड़ी जातियों के मुद्दों को लेकर आगे की रणनीति पर भी चर्चा की गई.

ये लोग रहे मौजूद

बैठक का संचालन केंद्रीय महासचिव दिलीप नाथ साहू ने किया. मौके पर केंद्रीय मुख्य संरक्षक जगदीश साहू, केंद्रीय कोषाध्यक्ष शिवदयाल गोप, केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नीलांबर साहू, महमूद आलम, अजीत विश्वकर्मा, देवनारायण गोप, दीपू ठाकुर, रमेश केसरी, लखन गोप, बसंती देवी, रामजी यादव, रामकुमार साहू, कलेश्वर साहू, शहजाद अनवर, विशाल जायसवाल, चंद्र पेशकार, राम दिलीप साहू, संदीप साहू, नीलू कुमारी, बिंदेश्वरी कुमारी, संजय साहू, कुलेश्वर साहू, जुबेर अंसारी, जशीनता देवी, परशुराम साहु, बजरंग साहू, संतु कुमार गुप्ता, हेमंत सिंह, परमपाल सिंह, बहुरा ओहदार, शिवचरण साहू, श्याम सुंदर साहू, हरिश्चंद्र साहू, भोला सिंह, अमर सिंह, मेहनत सिंह, बुधराम सिंह, भुनेश्वर साहू, शोध साहू, अवध कुमार और राजेश साहू समेत अन्य लोग उपस्थित थे. अंत में धन्यवाद ज्ञापन राम कैलाश राम ने किया.

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लेखक के बारे में

By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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