गुमला. सरकारी राजस्व पर कुंडली मारकर बैठे सदर प्रखंड के मनरेगा में निबंधित वेंडरों से वित्तीय वर्ष 2024-25 का बकाया रॉयल्टी व डीएमएफटी वसूलने की प्रक्रिया तेज हो गयी है. उपविकास आयुक्त सह अतिरिक्त जिला कार्यक्रम समन्वयक, गुमला ने इस संबंध में बीडीओ गुमला को पत्र जारी कर कार्रवाई का निर्देश दिया है. पत्र में कुल 10 वेंडरों का उल्लेख किया गया है. इनमें से छह वेंडरों ने रॉयल्टी व डीएमएफटी की बकाया राशि सरकारी खाते में जमा कर दी है, जबकि चार वेंडरों के पास अब भी कुल 7,54,253 रुपये बकाया हैं. जानकारी के अनुसार, मनरेगा अंतर्गत विभिन्न योजनाओं में सामग्री आपूर्ति करने वाले वेंडरों को नियमानुसार भुगतान किया गया था. भुगतान के बाद संबंधित वेंडरों को रॉयल्टी व डीएमएफटी की राशि सरकारी खाते में जमा करनी थी. इस संबंध में पूर्व में भी उपविकास आयुक्त द्वारा बीडीओ गुमला को पत्र लिखा गया था. इसके आलोक में मेसर्स आरसी आर्ट गुमला, मेसर्स जीतराम लकड़ा गुमला, मेसर्स नरेंद्र साहू, मेसर्स ओम प्रकाश साहू, मेसर्स सिंह ट्रेडर्स और मेसर्स अनिश खान ने बकाया राशि जमा कर दी है. वहीं मेसर्स भुवनेश्वर साहू गुमला, मेसर्स जगदीश साहू गुमला, मेसर्स मामा कंस्ट्रक्शन और मेसर्स सलीम मियां द्वारा अब तक राशि जमा नहीं की गयी है. उपविकास आयुक्त ने बीडीओ को निर्देश दिया है कि एक सप्ताह के अंदर सभी संबंधित वेंडरों से नियमानुसार रॉयल्टी व डीएमएफटी की राशि जमा करायी जाये और इसकी सूचना कार्यालय को उपलब्ध करायी जाये. पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समय सीमा तक राशि जमा नहीं करने वाले वेंडरों को काली सूची में डालते हुए उनके खिलाफ सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की जाये. इस संबंध में बीडीओ गुमला अशोक कुमार चोपड़ा से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका.
चार वेंडरों के पास 7.54 लाख रुपये रॉयल्टी व डीएमएफटी बकाया
मनरेगा वेंडरों पर शिकंजा. राशि जमा नहीं करने वाले वेंडरों पर एफआइआर और ब्लैकलिस्टिंग की चेतावनी
