गुमला के जंगल में लगी आग, नक्सलियों ने बदला ठिकाना, तो पेड़-पौधे और जीव-जंतु भी चपेट में आये

jharkhand news: गुमला के जंगलों में आग लग गयी. आग की लपटे बढ़ती जा रही है. जंगल में आग लगने के कारण जहां नक्सली अपना ठिकाना बदल रहे हैं, वहीं पेड़-पौधे समेत जीव-जंतु इसकी जद में आ रहे हैं. ग्रामीण इस आग काे बुझाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन लपटे अधिक होने के कारण आग पर काबू नहीं पाया जा सका है.

Jharkhand news: गुमला जिला के घाघरा प्रखंड से 30 किमी दूर दीरगांव, हेदमी, केदली, सरईडीह, तुसगांव और सलामी गांव से सटे जंगल में आग लग गयी है. आग की लपेटे धीरे-धीरे जंगल में फैल रही है. जंगल में आग लगने के बाद जहां नक्सलियों ने अपना ठिकाना बदल लिया है, वहीं नये पेड़-पौधे समेत जीव-जंतु भी इसकी चपेट में आने लगे हैं. हालांकि, गांव के लोग अपने स्तर से आग को बुझाने का प्रयास कर रहे हैं. लेकिन, घने जंगल में आग की लपटे अधिक होने से आग बुझाने में परेशानी हो रही है.

आग की लपटे अधिक

ग्रामीण कौशल कुमार ने कहा कि पहले भी इस क्षेत्र में आग लगायी गयी थी. जिसे ग्रामीणों ने मिलकर बुझा दिया था. लेकिन, इस बार आग की लपटे अधिक होने से आग बुझाने में परेशानी हो रही है. आग के कारण जंगल के उत्पाद को भारी नुकसान हो रहा है.

महुआ चुनने के लिए लगायी आग

बताया जा रहा है कि कुछ लोगों ने महुआ चुनने के लिए महुआ पेड़ के नीचे जमा सूखे पत्ते में आग लगायी थी. जिसके बाद आग की लपटे बढ़ने लगी और यह जंगल के अधिकांश हिस्सों को अपनी चपेट में ले लिया है.

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नक्सली भी जाने से डर रहे हैं

हेदमी, केदली, सरईडीह, तुसगांव व सलामी गांव के सटे जंगल भाकपा माओवादी, जेजेएमपी व झांगुर गुट के लिए सेफ जोन है. लेकिन, जंगल में आग लगने के बाद नक्सली डर से इन जंगलों की ओर नहीं जा रहे हैं. बताया जा रहा है कि गुमला के जिन जंगलों में आग लगी है, वहां से नक्सली अपना ठिकाना लगातार बदल रहे हैं. वहीं, पुलिस भी इन नक्सलियों की गतिविधियों पर विशेष नजर बनाये रखते हुए लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं.

रिपोर्ट : दुर्जय पासवान, गुमला.

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