गुमला. घाघरा प्रखंड में जमीन की दखल-दिहानी (कब्जा दिलाने) की कार्रवाई के दौरान भीड़ द्वारा हंगामा और सरकारी कार्य में बाधा डालने का मामला सामने आया है. इस संबंध में घाघरा अंचलाधिकारी खाखा सुशील कुमार के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गयी है. जानकारी के अनुसार अनुमंडल पदाधिकारी सह दंडाधिकारी गुमला के आदेश के आलोक में पांच अप्रैल 2026 को सिविल जज एसडी-टू गुमला के वाद संख्या 01/2014 के तहत सरांगो गांव में शांतिपूर्ण दखल-दिहानी के लिए प्रशासनिक टीम पहुंची थी. टीम में पुलिस व न्यायालय के अधिकारी भी शामिल थे. मौके पर पहुंचने पर पाया गया कि द्वितीय पक्ष के कई लोग पहले से ही बड़ी संख्या में ग्रामीणों को इकट्ठा कर वहां मौजूद थे. भीड़ के पास तीर-धनुष और लाठी डंडे थे. माहौल काफी उग्र बना हुआ था. जब प्रशासनिक टीम ने दखल-दिहानी की कार्रवाई शुरू करने का प्रयास किया, तो भीड़ ने इसका विरोध करते हुए कार्य में बाधा उत्पन्न कर दी. स्थिति को देखते हुए प्रशासन दखल-दिहानी की प्रक्रिया पूरी नहीं करा सका. इस मामले में पुलिस ने निम्नलिखित आरोपियों को नामजद किया है, जिनमें बलराम उरांव (पिता- स्व चरवा उरांव), पंकज उरांव (पिता- कलराम उरांव), कुंदन उरांव (पिता- बलराम उरांव), सूरज उरांव (दामाद- बलराम उरांव), केलवर उरांव (पिता- स्व करमू उरांव), रेखा देवी (पिता- बलराम उरांव), अनुबाला कुमारी (पिता- बलराम उरांव), खुशबू कुमारी (पिता- बलराम उरांव), चांदनी कुमारी (पिता- बलराम उरांव) सभी लोग घाघरा थाना के सरांगो के निवासी हैं.
सीओ के आवेदन पर नौ लोगों पर प्राथमिकी दर्ज
घाघरा प्रखंड में जमीन की दखल-दिहानी की कार्रवाई के दौरान हंगामा व सरकारी कार्य में बाधा डालने का मामला
