प्रतिनिधि, चैनपुर
रविवार को गुमला जिले के चैनपुर चर्च में बाबा दिवस श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया. इस अवसर पर विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया. जिसमें सैकड़ों विश्वासी शामिल हुए. सुबह मुख्य पुरोहित द्वारा विशेष मिस्सा का आयोजन किया गया. बाबाओं के त्याग, प्रेम और परिवार के प्रति समर्पण पर धर्मोपदेश दिया गया. मौके पर चर्च के बुजुर्ग सदस्यों और पिता तुल्य व्यक्तियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया. बच्चों ने अपने पिताओं के लिए गीत और कविताएं प्रस्तुत कीं. प्रार्थना के बाद सभी विश्वासियों के लिए सामूहिक प्रीतिभोज का आयोजन हुआ. लोगों ने एक-दूसरे को बाबा दिवस की शुभकामनाएं दीं. फादर सुशील कुजूर ने अपने संदेश में कहा कि पिता परिवार की नींव होता है. उसका त्याग और मार्गदर्शन ही बच्चों को सही दिशा देता है. समाज में पिता के योगदान को हमें हमेशा याद रखना चाहिए. उन्होंने कहा कि आज हम सब यहां चैनपुर चर्च के पवित्र प्रांगण में ””””””””बाबा दिवस”””””””” मनाने के लिए एकत्र हुए हैं. यह दिन हमें उस व्यक्ति के त्याग, प्रेम और समर्पण को याद करने का अवसर देता है. जिसे हम पिता, बाबा या डैड कहकर पुकारते हैं. पिता परिवार की वह मजबूत नींव है जो बिना किसी अपेक्षा के अपने बच्चों के सपनों को पंख देता है. दिन भर की थकान के बाद भी उसके चेहरे पर मुस्कान रहती है. ताकि घर में खुशी बनी रहे. पवित्र बाइबल भी कहती है, जैसा पिता अपने बच्चों पर दया करता है. वैसा ही प्रभु अपने को मानने वालों पर दया करता है. आज के इस विशेष दिन पर हम उन सभी पिताओं को नमन करते हैं. जिन्होंने अपने खून पसीने से हमारा भविष्य संवारा. वे पिता जो अब हमारे बीच नहीं हैं. उनकी यादें और संस्कार आज भी हमारा मार्गदर्शन करते हैं और जो युवा आज पिता बनने की राह पर हैं. उनके लिए यह दिन जिम्मेदारी और प्रेम का संदेश लेकर आया है.