झारखंड के एसएफसी में एजीएम बने पिता व ससुर कर रहे राशन की हेराफेरी, विधायक ने की ये मांग

झामुमो विधायक भूषण तिर्की ने कहा कि पूर्व की सरकार की गलत नीतियों के कारण संवेदकों द्वारा चावल गोदामों के लिए एजीएम नियुक्त किया गया है. इन एजीएम ने अनाजों के वितरण में भारी लूट मचाया है. अनाज गरीबों के घर की जगह बाजार में पहुंच रहा है.

Jharkhand News, गुमला न्यूज (दुर्जय पासवान) : झारखंड के गुमला जिले के एसएफसी (स्टेट फूड कॉरपोरेशन) चावल गोदामों में बेटा, बेटी व दामाद की जगह पिता व ससुर एजीएम बनकर नौकरी कर रहे हैं. गलत तरीके से नौकरी कर एजीएम द्वारा एसएफसी गोदाम से गरीबों के अनाज पर डाका डाला जा रहा है. बड़ी मात्रा में चावल की हेराफेरी हो रही है. गरीबों के घर की जगह माफियों के गोदाम व बाजार में अनाज पहुंच रहा है. झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान शून्यकाल में गुमला के झामुमो विधायक भूषण तिर्की ने यह मामला उठाया है. विधायक ने सरकार से इस मामले की जांच की मांग की है, ताकि दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो सके.

झामुमो विधायक भूषण तिर्की ने अपनी मांगों को रखते हुए कहा है कि पूर्व की सरकार की गलत नीतियों के कारण संवेदकों द्वारा चावल गोदामों के लिए एजीएम नियुक्त किया गया है. संवेदकों द्वारा नियुक्त एजीएम ने अनाजों के वितरण में भारी लूट मचाया है. अनाज गरीबों के घर में जाना चाहिए. परंतु माफियाओं की मिलीभगत से बाजार में पहुंच रहा है. गोदामों में एजीएम की नियुक्ति सरकार द्वारा निकाले गये विज्ञापन व सरकारी अहर्ताओं को पूर्ण करने के बाद होती थी. परंतु अभी जितने भी एजीएम चावल गोदामों में काम कर रहे हैं. ये सभी मिलीभगत कर एजीएम बन गये हैं और गरीबों के अनाज पर डाका डाल रहे हैं. विधायक ने कहा कि मैं सरकार से मांग करता हूं कि इसे अविलंब समाप्त कर अपने क्षेत्राधिकार में लें. राज्य सरकार स्वतंत्र एजेंसी से इसकी जांच कराये.

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सांसद प्रतिनिधि भोला चौधरी ने कहा है कि एसएफसी गोदाम से चावल के नाम पर लाखों रुपये की हर महीने हेराफेरी हो रही है. यह पैसा गुमला में कई हिस्सों में बंट रहा है. एजीएम के अलावा शहर के एक ठेकेदार सहित कुछ अधिकारियों के पास भी पैसा पहुंच रहा है. श्री चौधरी ने कहा कि आरडीएफ कंपनी को पांच जिले में एजीएम रखने की जिम्मेवारी दी गयी थी. आरडीएफ कंपनी ने गुमला के एक ठेकेदार से सांठगांठ कर सभी एसएफसी में एजीएम रखा है. परंतु एजीएम व नाइट गार्ड के नाम पर मिलने वाला पैसा सरकार द्वारा सीधे कंपनी को दिया जा रहा है. एक एसएफसी गोदाम में महीने में 90 हजार रुपये खर्च करना है, परंतु कंपनी के लोग मामूली पैसे दे रहे हैं. ऐसे में एजीएम चावल की हेराफेरी कर पैसे कमा रहे हैं. इसकी जांच हो तो चौंकाने वाला मामला सामने आयेगा.

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Posted By : Guru Swarup Mishra

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