गुमला. उपायुक्त दिलेश्वर महतो की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में गुरुवार को अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 तथा नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम 1955 से संबंधित कार्यशाला हुई. मौके पर उक्त कानून पर यह बल दिया गया कि वास्तविक पीड़ितों को समयबद्ध सहायता व सम्मान मिल सके. इसके लिए सभी संबंधित पदाधिकारी संवेदनशीलता व तत्परता के साथ कार्य करने पर बल दिया गया. कार्यशाला में अधिनियमों के इतिहास, प्रमुख धाराओं और उनके प्रभावी क्रियान्वयन के विषय पर प्रशिक्षण दिया गया. आइपी ग्लोबल के डिस्ट्रिक सपोर्ट मैनेजर अनूप केरकेट्टा ने प्रशिक्षण दिया. उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने कहा कि अनुसूचित जाति व जनजाति के अधिकारों की रक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है. उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए पीड़ितों को न्याय व सम्मान दिलाना सुनिश्चित करें. कार्यशाला में अपर समाहर्ता शशिंद्र कुमार बड़ाइक, जिप अध्यक्ष किरण बाड़ा, उपाध्यक्ष संयुक्ता देवी, नप अध्यक्ष शकुंतला उरांव, उपाध्यक्ष रमेश कुमार चीनी, सांसद प्रतिनिधि राजनील तिग्गा, विधायक प्रतिनिधि सुनील उरांव, डीसीएलआर राजीव कुमार, एसडीओ राजीव नीरज, एसडीओ जयवंती देवगम, एसडीओ पूर्णिमा कुमारी, डीएसपी मुख्यालय वीरेंद्र टोप्पो, एसडीपीओ सुरेश प्रसाद यादव, एसडीपीओ श्रुति कुमारी, एसडीपीओ नजीर अख्तर, जिला कल्याण पदाधिकारी आलोक रंजन समेत अन्य मौजूद थे.
पीड़ितों को न्याय व सम्मान दिलाना सुनिश्चित करें : उपायुक्त
पीड़ितों को न्याय व सम्मान दिलाना सुनिश्चित करें : उपायुक्त
