घाघरा. उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने क्षेत्र के प्रमुख जल स्रोतों का जायजा लेने के उद्देश्य से घाघरा स्थित कतरी डैम और मसरिया डैम का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने शिवराजपुर के समीप नहरों की स्थिति को अत्यंत जर्जर पाया. कई स्थानों पर नहर टूट चुकी है, जिससे पानी खेतों तक पहुंचने के बजाय व्यर्थ बह कर तालाबों में जा रहा है. इस अव्यवस्था से टोटांबी, दोदांग और बेलागड़ा क्षेत्रों के किसानों को सिंचाई में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल मरम्मत कार्य शुरू करने और नहरों को सुचारू बनाने के कड़े निर्देश दिये, ताकि किसानों को समय पर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध हो सके. इसके बाद उन्होंने मसरिया डैम का भी निरीक्षण कर खेतों तक जल वितरण की व्यवस्था की समीक्षा की और जल प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया. दौरे के अगले चरण में उपायुक्त आरोग्य मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं और साफ-सफाई की व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया. उन्होंने मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों को सेवाओं में सुधार और परिसर की स्वच्छता बनाये रखने के निर्देश दिये. निरीक्षण अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले में जल आपूर्ति और जन सुविधाओं को सुदृढ़ करना था. मौके पर एसी शशिंद्र बड़ाइक, डीएफओ कुसुमलता, बीडीओ दिनेश कुमार, बीडीओ अशोक चोपड़ा समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे.
जर्जर नहरों का तत्काल मरम्मत कार्य शुरू करें : डीसी
घाघरा स्थित कतरी डैम और मसरिया डैम का किया निरीक्षण
