आधी रात गांव में घुसा जंगली हाथी, मकान तोड़ा और फसल रौंदी; बाल-बाल बचा परिवार

झारखंड के भरनो प्रखंड में जंगली हाथी ने एक घर को ध्वस्त कर दिया और किसानों की मकई व सकरकंद की फसल को रौंदकर बर्बाद कर दिया. गांव में दहशत का माहौल है.

भरनो. प्रखंड के अमलिया डहुटोली गांव में बीती रात एक जंगली हाथी ने जमकर उत्पात मचाया. आधी रात को जंगल से भटका एक जंगली हाथी गांव में घुस गया और परमेश्वर उरांव के कच्चे मकान की दीवार तोड़कर घर को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया. इससे घर में रखा अनाज व सामान बिखर कर खराब हो गया. गनीमत रही कि परिवार के लोग समय पर बाहर निकल गये.

जान-माल का भारी नुकसान

हाथी ने गांव के पहला उरांव की मकई फसल एवं सोमरा उरांव के सकरकंद की फसल को भी रौंदकर बरबाद कर दिया. हाथी के गांव में घुसने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. कोई भी ग्रामीण कहता है, "हाथी के शोर से नींद टूटी और बच्चों को लेकर जान बचाने के लिए भागना पड़ा. किसी ने कभी सोचा नहीं था कि जंगल का जानवर सीधे हमारे घर में घुस आएगा."

वन विभाग की टीम ने पहुंचकर लिया जायजा

घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम गांव पहुंची. टीम ने पीड़ित परमेश्वर उरांव को राहत के तौर पर टॉर्च लाइट दी और हाथी से सुरक्षा के उपाय बताये. साथ ही नुकसान का आकलन कर मुआवजे के लिए आवेदन फार्म दिया. वन विभाग की ओर से सुरक्षा के उपायों में मवेशियों को रात में खुला न छोड़ना और हाथी के रास्ते में आने वाले पेड़ों को हटाने जैसे कदम शामिल थे.

मुआवजे की प्रक्रिया में, पीड़ित को जल्द से जल्द नुकसान की भरपाई के लिए आवश्यक दस्तावेज़ जमा करने होंगे, जिसके बाद विभाग द्वारा जांच की जाएगी और नियमानुसार मुआवजा राशि जारी की जाएगी. वन विभाग की टीम के साथ मौके पर गांव के गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे, जिनमें अमलीया वन समिति के पूर्व अध्यक्ष जगजीवन सिंह और पूर्व उपमुखिया मंगरा उरांव शामिल थे.

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By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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