Gumla: मंडल कारा की निविदा पर विवाद, मामला हाईकोर्ट में लंबित, स्थगित करने की मांग

गुमला मंडल कारा की जेल आपूर्ति निविदा पर विवाद खड़ा हो गया है. झारखंड हाईकोर्ट में मामला लंबित होने के कारण इसे स्थगित करने की मांग की जा रही है.

गुमला. मंडलकारा गुमला में आपूर्ति के लिए अधीक्षक मंडलकारा की ओर से प्रकाशित निविदा को स्थगित करने की मांग की गयी है. इस संबंध में बाल मुकुंद पांडेय, मो नसीर और उदय शंकर साहू ने उपायुक्त को आवेदन सौंपा है.

आवेदन में कहा गया है कि महानिरीक्षक कारा एवं सुधारात्मक सेवाएं, झारखंड रांची की ओर से जारी पत्र संख्या 2062/जेल, दिनांक 27 अगस्त 2026 और पत्र संख्या 2155, दिनांक 10 सितंबर 2026 के विरुद्ध झारखंड हाईकोर्ट, रांची में याचिका दायर की गयी है. याचिका का फाइलिंग नंबर डब्ल्यूपीसी/12300/2026 बताया गया है. आवेदकों के अनुसार, याचिका में संबंधित आदेशों पर रोक लगाने की मांग की गयी है.

न्यायालय में मामला लंबित रहने तक निविदा रोकने की मांग

आवेदन में कहा गया है कि उक्त आदेशों के आधार पर मंडलकारा गुमला के अधीक्षक ने कारा में आपूर्ति के लिए निविदा प्रकाशित की है. आवेदकों का कहना है कि जब मामला न्यायालय में लंबित है, तब तक निविदा प्रक्रिया को आगे बढ़ाना उचित नहीं होगा.

उन्होंने उपायुक्त से उच्च स्तर पर कार्रवाई करते हुए प्रकाशित निविदा को स्थगित कराने का आग्रह किया है. आवेदकों के अनुसार, न्यायालय के निर्णय तक निविदा प्रक्रिया स्थगित रहने से प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी और संबंधित पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा.

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लेखक के बारे में

By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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