Subroto Cup: दिल्ली में चैंपियन बनीं गुमला की बेटियां लौटीं तो सड़कों पर उमड़ा शहर, हुआ भव्य स्वागत

दिल्ली में सुब्रतो कप जीतकर गुमला लौटीं संत पैट्रिक स्कूल की फुटबॉल टीम का शहरवासियों ने ढोल-नगाड़ों और विजय जुलूस के साथ भव्य स्वागत किया.

गुमला. दिल्ली में इतिहास रचकर 65वें अंतरराष्ट्रीय सुब्रतो मुखर्जी कप फुटबॉल टूर्नामेंट के अंडर-17 बालिका वर्ग की राष्ट्रीय चैंपियन बनीं संत पात्रिक स्कूल गुमला की बेटियां रविवार को अपने शहर लौटीं. विजेता टीम के गुमला पहुंचते ही ढोल-नगाड़ों के साथ उनका जोरदार स्वागत किया गया. फूल-मालाओं से खिलाड़ियों का अभिनंदन किया गया और इसके बाद शहर में भव्य विजय जुलूस निकाला गया.

ट्रॉफी लेकर निकलीं चैंपियन बेटियां, सड़कों पर जुटी भीड़

विजय जुलूस में खिलाड़ी हाथों में सुब्रतो कप की ट्रॉफी लेकर चल रही थीं. खिलाड़ियों को फूलों से सजी गाड़ी में शहर के प्रमुख मार्गों से ले जाया गया. उनके साथ स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाएं, विद्यार्थी, अभिभावक, खेलप्रेमी और बड़ी संख्या में शहरवासी शामिल हुए. जुलूस के दौरान जगह-जगह लोगों ने खिलाड़ियों का फूल-मालाओं और पुष्पवर्षा से स्वागत किया. लोगों ने भारत माता की जय और खिलाड़ियों के सम्मान में नारे लगाकर उनका उत्साह बढ़ाया. चैंपियन बेटियों की एक झलक पाने के लिए सड़कों पर लोगों की भीड़ लगी रही.

स्कूल परिसर में भी हुआ सम्मान

विजय जुलूस से पहले संत पात्रिक स्कूल परिसर में विजेता टीम के सम्मान में कार्यक्रम आयोजित किया गया. इसमें खिलाड़ियों और प्रशिक्षक का अभिनंदन किया गया. स्कूल परिवार ने टीम की ऐतिहासिक उपलब्धि पर खुशी जतायी. खिलाड़ियों ने अपनी जीत के अनुभव साझा करते हुए बताया कि कठिन अभ्यास, अनुशासन और पूरी टीम की एकजुटता ने उन्हें खिताब तक पहुंचाया.

यह सिर्फ गुमला नहीं, पूरे झारखंड की जीत

संत पात्रिक स्कूल के एचएम फादर नाबोर मिंज ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि यह जीत सिर्फ संत पात्रिक स्कूल या गुमला की उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे झारखंड के लिए गर्व का क्षण है. बेटियों ने अपनी प्रतिभा, मेहनत, अनुशासन और खेल भावना के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर गुमला का नाम रोशन किया है. उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की सफलता आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनेगी. उन्होंने खिलाड़ियों से इसी लगन और मेहनत के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया.

रणनीति और तालमेल से मिली जीत

कोच वीणा केरकेटटा ने कहा कि टीम की जीत में रणनीति, अनुशासन और खिलाड़ियों के बीच बेहतर तालमेल की अहम भूमिका रही. पूरी टीम ने एकजुट होकर मैदान पर प्रदर्शन किया, जिसका परिणाम राष्ट्रीय खिताब के रूप में सामने आया.

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फाइनल में मिजोरम को 2-0 से हराया

खेल संयोजक कृष्णा उरांव ने बताया कि दिल्ली के डॉ बीआर आंबेडकर स्टेडियम में खेले गये फाइनल मुकाबले में झारखंड का प्रतिनिधित्व कर रही संत पात्रिक स्कूल गुमला की अंडर-17 बालिका टीम ने मिजोरम की एनसीसी टीम को 2-0 से हराकर सुब्रतो कप का खिताब जीता. इससे पहले टीम ने सेमीफाइनल में शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की थी. राष्ट्रीय चैंपियन बनने के बाद गुमला लौटी बेटियों का जिस तरह स्वागत हुआ, उससे शहर में उनकी उपलब्धि को लेकर गर्व और उत्साह साफ दिखाई दिया. इस जीत ने जिले के युवा खिलाड़ियों में भी नई उम्मीद जगायी है.

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लेखक के बारे में

By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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